ओलंपिक में आईओए पर खराब बर्ताव के एसएसपी चौरसिया के आरोपों के एक दिन बाद रियो में भारत के दल प्रमुख रहे राकेश गुप्ता ने कहा कि उन्हें चार महीने बाद शिकायत करने की बजाय खेलों के दौरान यह मसला उनके ध्यान में लाना चाहिये था। चौरसिया ने गुरुवार (22 दिसंबर) को आईओए अधिकारियों पर अपनी भड़ास निकालते हुए कहा कि आवागमन का भी उचित इंतजाम नहीं था और उनके साथ नौकरों की तरह बर्ताव किया गया। गुप्ता ने कहा कि खिलाड़ियों के लिये यातायात सुविधा मुहैया कराना स्थानीय आयोजकों की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा, ‘स्थानीय आयोजकों को चाहिये कि हवाई अड्डे से खिलाड़ियों को लेकर उन्हें खेलगांव तक पहुंचाये। अभिनव बिंद्रा से लेकर लिएंडर पेस तक सभी भारतीय खिलाड़ियों को स्थानीय आयोजकों द्वारा उपलब्ध कराये गए यातायात के साधनों से ही खेलगांव लाया गया।’
उन्होंने कहा,‘रियो में भारतीय खिलाड़ी कई जत्थों में आये। कई तो अकेले आये जिनमें चौरसिया, अनिर्बान लाहिड़ी और अदिति अशोक शामिल थे। लिएंडर पेस भी अकेले आये थे। हम हर बार हवाई अड्डे जाकर उनकी अगवानी नहीं कर सकते। यह संभव नहीं है। आईओए से बहुत कम लोग रियो गए थे और दूसरे मसलों पर भी ध्यान देना था।’
