लगातार अच्छे प्रदर्शन से आत्मविश्वास से भरा भारत सोमवार (12 दिसंबर) को जब पुरुष जूनियर हॉकी विश्व कप के पूल डी के मैच में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैदान पर उतरेगा तो उसका लक्ष्य अपने सभी मैच जीतकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाना और नॉकआउट से पहले अपनी कमजोरियों को दूर करना होगा। कनाडा (4-0) और इंग्लैंड (5-3) के खिलाफ दो शानदार जीत से भारतीय टीम ने क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह लगभग पक्की कर ली है और उसे अब इस पर मुहर लगाने के लिये केवल ड्रा की जरूरत है। वर्तमान फार्म और विश्व हाकी में उसकी स्थिति को देखते हुए भारत को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच में जीत का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। इससे भारत बढ़े आत्मविश्वास के साथ नॉकआउट में कदम रखेगा।

भारत अभी पूल डी में दो मैचों में छह अंक लेकर शीर्ष पर है लेकिन इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका अब भी तीन-तीन अंक हासिल करने की कवायद में है। यदि भारत हार जाता है तब भी वह क्वार्टर फाइनल में पहुंचने का दावेदार रहेगा क्योंकि उसका अपने प्रतिद्वंद्वयिों की तुलना में गोल अंतर छह है। केवल बड़े अंतर से हारने पर ही भारतीय टीम की उम्मीदें खत्म होंगी। वर्तमान परिस्थितियों को देखकर ऐसी संभावना न के बराबर है और लगता है कि पूल से भारत और इंग्लैंड क्वालीफाई करने में सफल रहेंगे। इंग्लैंड पूल के मंगलवार (13 दिसंबर) को होने वाले अंतिम मैच में कनाडा के खिलाफ जीत के प्रबल दावेदार के रूप में उतरेगा।

भारत के मुख्य कोच हरेंद्र सिंह ने संकेत दिये हैं कि टीम दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच का उपयोग अपनी कमियों को दूर करने के लिये करेगा। हरेंद्र ने कहा, ‘हमें यह स्वीकार करना होगा कि ये युवा खिलाड़ी हैं जिन्होंने इस बड़े टूर्नामेंट में खेलने के लिये चार साल तक इंतजार किया और इसलिए वे रोमांचित हैं। लेकिन कुछ गलतियां बेवजह की हो रही है। हमें अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखने की जरूरत है। बेहतर है कि ये यही हो रही हैं। हम नॉकआउट चरण में ऐसी गलतियां नहीं कर सकते हैं।’ भारतीय टीम ने हर मैच में बेहतर प्रदर्शन किया है और इंग्लैंड के खिलाफ मैच में यह साफ दिखा।

हरेंद्र ने कहा, ‘हमने मैदानी गोल किये, पेनल्टी कॉर्नर में वैरीएशन आजमाने की कोशिश की और जवाबी हमले किये। दिन प्रतिदिन सुधार साफ दिख रहा है।’ कप्तान हरजीत सिंह ने अब तक आगे बढ़कर नेतृत्व किया है और वह इंग्लैंड के खिलाफ सबसे अधिक प्रभाव छोड़ने वाले खिलाड़ी थे। उन्होंने कई मौके बनाये। हरमनप्रीत सिंह और वरुण कुमार की पेनल्टी कार्नर विशेषज्ञ जोड़ी भी अच्छी फॉर्म में दिख रही है जबकि अरमान कुरैशी, परविंदर सिंह और मनदीप सिंह ने अग्रिम पंक्ति में अच्छी भूमिका निभायी है। लेकिन जूनियर विश्व कप में परिणाम को लेकर कुछ भी नहीं कहा जा सकता है क्योंकि अधिकतर टीमें एक दूसरे के बारे में ज्यादा नहीं जानती हैं।

हरेंद्र हालांकि इसको लेकर अधिक चिंतित नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘‘यह अच्छा है कि हम अभी तक दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ नहीं खेले हैं क्योंकि जब आप अपने प्रतिद्वंद्वी को नहीं जानते तो उसके बारे में ज्यादा नहीं सोचते। हमें केवल अपने खेल पर ध्यान देने की जरूरत है। हमें विश्वास होना चाहिए कि जो भी हमारा प्रतिद्वंद्वी है हम उसे हरा सकते हैं। हमारी टीम किसी भी टीम से पार पा सकती है।’ सोमवार (12 दिसंबर) को होने वाले अन्य मैचों में पूल ए में ऑस्ट्रेलिया का सामना ऑस्ट्रिया से और अर्जेंटीना का दक्षिण कोरिया से होगा। पूल बी में नीदरलैंड और मिस्र तथा बेल्जियम और मलेशिया आमने सामने होंगे।