एशियाई खेलों के स्वर्ण पदकधारी जीतू राय के नाम की सिफारिश भी प्रतिष्ठित राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार के लिये की गयी है जिन्होंने पिछले दो साल में पिस्टल निशानेबाजी में शानदार प्रदर्शन किया है, हालांकि वह रियो ओलंपिक में पदक नहीं जीत सके। भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ :एनआरएआई: के सचिव राजीव भाटिया ने कहा, ‘‘हां, हमने खेल रत्न के लिये जीतू के नाम की सिफारिश की है। ’’ भाटिया के अनुसार एनआरएआई ने महिला राइफल निशानेबाज अपूर्वी चंदेला अैर पुरूष राइफल निशानेबाज गुरप्रीत सिंह और पी एन प्रकाश के नाम की सिफारिश अर्जुन पुरस्कार के लिये की है। उनतीस वर्षीय राय पुरूषों की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा की विश्व रैंकिंग में तीसरे स्थान पर हैं, वह रियो में अपनी स्पर्धा में फाइनल में जगह बनाने वाले दो भारतीय निशानेबाजों में से एक थे, जिसमें से दूसरे अभिनव बिंद्रा थे। राय पुरूषों की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा के फाइनल में पहुंचे और आठवें स्थान पर रहे थे लेकिन वह रियो में अपनी पसंदीदा स्पर्धा 50 मीटर पिस्टल के फाइनल के लिये क्वालीफाई नहीं कर पाये थे। खेल रत्न देश का सबसे बड़ा खेल पुरस्कार है।
इस साल राय ने बाकू में आईएसएसएफ विश्व कप की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में रजत पदक जीता था जबकि बैंकाक में आईएसएसएफ विश्व कप की 50 मीटर पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। राय 2014 में स्पेन में 51वीं निशानेबाजी विश्व चैम्पियनशिप में रजत पदक जीतकर रियो ओलंपिक के लिये क्वालीफाई करने वाले पहले निशानेबाज थे। अगर सिफारिश को मंजूरी दी जाती है तो यह निशानेबाज 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस के दिन राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी से पुरस्कार प्राप्त करेगा। अभी तक सात निशानेबाजों को खेल रत्न से सम्मानित किया जा चुका है जिसमें भारत के एकमात्र व्यक्तिगत ओलंपिक स्वर्ण पदकधारी अभिनव बिंद्रा भी शामिल हैं। निशानेबाजी में पिछली बार रंजन सोढ़ी ने 2012-13 में यह पुरस्कार प्राप्त किया था। महिला टेनिस स्टार सानिया मिर्जा को 2015 में इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
इसके अलावा भारतीय महिला जिम्नास्ट दीपा करमाकर के रियो ओलंपिक में शानदार प्रदर्शन के बाद राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार के लिये उनके नाम की सिफारिश किये जाने की उम्मीद की जा रही है, हालांकि खेल मंत्रालय को सिफारिशें भेजी जाने की अंतिम सीमा खत्म हो गयी है। त्रिपुरा में जन्मीं 23 वर्षीय जिम्नास्ट 14 अगस्त को महिलाओं के वाल्ट फाइनल में चौथे स्थान पर रहकर रातों रात स्टार बन गयी, वह महज 0.150 अंक से कांस्य पदक से चूक गयी। खेल मंत्रालय और भारतीय खेल प्राधिकरण के अधिकारियों ने हालांकि पुष्टि नहीं की कि दीपा के नाम की इस सबसे बड़े खेल सम्मान के लिये सिफारिश की गयी है या नहीं। इसमें संदेह इस बात से भी बढ़ गया जब दीपा के कोच बिश्वेश्वर नंदी ने कहा कि उन्हें भी इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। नंदी से जब रियो में संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा, ‘‘मैं पहली बार दीपा के खेल रत्न के लिये सिफारिश की बात सुन रहा हूं। लेकिन मुझे इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। ’’यह स्पष्ट नहीं है कि किसने खेल रत्न के लिये उसके नाम की सिफारिश की है। राज्य सरकारें, भारतीय ओलंपिक संघ, संबंधित राष्ट्रीय खेल महासंघ, पिछले खेल रत्न पुरस्कार हासिल कर चुके खिलाड़ी, भारतीय खेल प्राधिकरण के महानिदेशक ही खेल रत्न के लिये खिलाड़ियों के नाम की सिफारिश कर सकते हैं। खेल मंत्रालय के पास भी ऐसा करने का विशेषाधिकार है।
