पीवी सिंधू ने हांगकांग ओपन सुपरसीरीज के सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है। सिंधू ने गजब की जीजीविषा दिखाते हुए तीसरे और निर्णायक गेम में छह पॉइंट की पिछड़न से वापसी करते हुए मैच जीता। उन्होंने क्वार्टरफाइनल में सिंगापुर की लियांग जियायू को 21-17, 21-23, 21-18 से हराया। अंतिम चार में सिंधू का सामना भारत की साइना नेहवाल या चेंग न्गान यी से होगा। क्वार्टर फाइनल मैच में सिंधू की शुरुआत खराब रही और वह 7-4 से पिछड़ गईं। सिंगापुर की खिलाड़ी ने आक्रामक खेल दिखाया और भारतीय शटलर पर दबाव बना दिया। हालांकि सिंधू ने लगातार चार पॉइंट जीतकर बढ़त बनाई। इसके बाद सिंधू ने लियांग को कोई मौका नहीं दिया। लियांग ने पहले गेम के आखिरी क्षणों में वापसी की कोशिश करी लेकिन सिंधू ने गेम 21-17 से जीत लिया।
दूसरे गेम में भी सिंधू शुरुआत में पिछड़ गई और 6-3 से पीछे हो गई। लेकिन यहां पर भी सिंगापुर की खिलाड़ी ने ढील दे दी जिससे भारतीय खिलाड़ी बराबरी पर आ गई। इसके बाद दोनों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। हालांकि सिंधू ने विपक्षी की कुछ बेजां गलतियों का फायदा लेते हुए 17-13 की बढ़त बना ली। इस समय लग रहा था कि सिंधू आसानी से अगले दौर में चली जाएंगी। लेकिन सिंगापुर की खिलाड़ी ने वापसी करते हुए दो मिनट तक रैली में पॉइंट लेते हुए 21-21 बराबरी की। यहां पर सिंधू ने गलती कर दी और गेम 23-21से गंवा दिया। निर्णायक गेम में सिंधू ने आक्रामक शुरुआत की और तेजी से 4-1 की बढ़त ले ली। लेकिन लियांग ने भी हार नहीं मानी और 5-4 से बढ़त ले ली। इसके बाद सिंगापुर की खिलाड़ी ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और 15-9 की लीड ले ली। लेकिन सिंधू भी हार मानने को तैयार नहीं थी और लगातार पांच पॉइंट लेकर गैप को कम किया। इसके बाद दोनों के बीच एक-एक पॉइंट को लेकर कशमकश हुई। आखिरकार बाजी रियो ओलंपिक की सिल्वर मेडलिस्ट पीवी सिंधू के हाथ लगी।
इसी के साथ लियांग के खिलाफ सिंधू ने अपना एक भी हार न होने का रिकॉर्ड बरकरार रखा। क्वार्टरफाइनल का यह मैच 78 मिनट तक चला। गौरतलब है कि पिछले सप्ताह ही सिंधू ने चीन ओपन सुपरसीरीज जीती थी। यह उनका पहला सुपरसीरीज का खिताब है। इस साल सिंधू गजब की फॉर्म में रही है।
