भारतीय पुरुष हॉकी टीम के कप्तान पीआर श्रीजेश ने शनिवार (1 अक्टूबर) को कहा कि ‘कई कप्तानों को रखने की प्रणाली’ से टीम को बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिलेगी क्योंकि इससे खिलाड़ियों को अपनी संबंधित जिम्मेदारियों पर ध्यान लगाने का मौका मिलेगा। श्रीजेश ने यहां भारतीय खेल प्राधिकरण में कहा, ‘कई कप्तान वाली प्रणाली से मुझे अपनी जिम्मेदारी पर ध्यान लगाने में मदद मिलेगी। मैं अपनी गोलकीपिंग पर ध्यान लगा सकता हूं और अन्य खिलाड़ी भी उन्हें दी गयी जिम्मेदारी जैसे गोल करना, रक्षात्मक होना और इसी तरह की अन्य चीजें कर सकते हैं।’ उन्होंने कहा, ‘हॉकी व्यक्तिगत स्पर्धा नहीं है। यह टीम का खेल है। कप्तान का पूरे मैच में दबदबा नहीं होता। जिसके पास गेंद है, वह उस समय का कप्तान होता है।’ श्रीजेश ने कहा कि रोटेशन की नीति से टीम को खिलाड़ियों का कोर ग्रुप बनाने में मदद मिलेगी क्योंकि इससे खिलाड़ियों को किसी भी बड़े टूर्नामेंट से पहले मैच फिट होने का काफी मौका मिल जाएगा।