ब्यूनस आयर्स में स्थित अर्जेटीना के स्टार फुटबाल खिलाड़ी लियोनेल मेसी की प्रतिमा के साथ तोड़-फोड़ की गई है। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रतिमा का अनावरण पिछले साल जून में किया गया था। इस प्रतिमा से सिर, हाथों के हिस्से को अलग-थलग किया गया है। प्रतिमा में हुई तोड़-फोड़ के पीछे का कारण अभी तक साफ नहीं हो पाया है, लेकिन शहर के अधिकारियों का कहना है कि प्रतिमा की मरम्मत का कार्य जारी है। मेसी ने जिस वक्त राष्ट्रीय टीम से संन्यास की घोषणा की थी, उसके ठीक बाद ही इस प्रतिमा का अनारण किया गया था। हालांकि, मेसी ने बाद में संन्यास का फैसला वापस ले लिया। बार्सिलोना के स्टार खिलाड़ी मेसी की यह प्रतिमा पासेओ डे ला ग्लोरिया में स्थित है। इस स्थान पर अर्जेटीना के कई अन्य स्टार खिलाड़ियों की भी प्रतिमाएं हैं, जिसमें दिग्गज टेनिस खिलाड़ी गेब्रिएला सबातीनी और बास्केटबॉल खिलाड़ी मेनुएल गिनोबिली की प्रतिमा भी शामिल है।
मेसी की प्रतिमा ब्यूनस आयर्स की ग्लोरी स्ट्रीट पर लगाई गई थी जहां अर्जेंटीना के दूसरे मशहूर खिलाड़ियों की प्रतिमा भी मौजूद है। इनमें टेनिस खिलाड़ी गैब्रिएला सबातिनी और बास्केटबॉल खिलाड़ी मैनुएल जिनोबिली की प्रतिमा शामिल है। इस इलाके में लगी प्रतिमाएं पहले भी चोरों और बदमाशों के निशाने पर रही हैं। ब्यूनस आयर्स के कल्चरल सेक्रिटेरिएट के अधिकारियों ने कहा की यह ‘एक्ट आॅफ वैंडैलाइजेशन’ के तहत किया गया अपराध है और ब्यूनस आयर्स गवर्नमेंट प्रतिमा की मरम्मत करा रही है। लियोनेल मेसी की प्रतिमा का कमर से उपर का हिस्सा, दोनों हाथ और सिर अलग अलग कर दिया गया है। गौरतलब है कि कोपा अमेरिका कप टूर्नामेंट के दौरान फाइनल में अर्जेंटीना को चिली ने पेनॉल्टी शूट आॅउट में हरा दिया था।
फाइनल में मेसी अपना पेनाल्टी किक गोलपोस्ट में डालने से चूक गए थे और इससे निराश होकर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास की घोषणा कर दी थी। बाद में अर्जेंटीना में उनके प्रशंसकों ने उन्हें संन्यास के अपने फैसले को वापस लेने पर मजबूर कर दिया और वो वापस एक्शन में आ गए। दरअसल, मेसी की मौजूदगी में अर्जेंटीना को पिछले दो साल के अंदर तीन विश्वस्तरीय फुटबॉल टूर्नामेंटों में खिताबी मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा है। इसमें फीफा विश्वकप 2014 और कोपा अमेरिका कप का फाइनल भी शामिल है।
