लीग चरण में तीनों मैच जीतकर ग्रुप में शीर्ष पर रही आत्मविश्वास से लबरेज भारतीय टीम कल जूनियर हाकी विश्व कप क्वार्टर फाइनल में स्पेन से खेलेगी और मौजूदा फार्म को देखते हुए यह चुनौती उसके लिये मुश्किल नहीं लगती। पंद्रह बरस बाद जूनियर विश्व कप जीतने का इरादा लेकर उतरी भारतीय टीम ने अभी तक उम्दा प्रदर्शन करके खुद को खिताब के प्रबल दावेदारों में शुमार कर लिया है । ग्रुप डी में शीर्ष पर रहने के कारण उसे अंतिम आठ में स्पेन के रूप में कमोबेश आसान चुनौती मिली है । स्पेन की टीम ग्रुप सी में एक जीत , एक हार और एक ड्रा के साथ दूसरे स्थान पर रही।
कोच हरेंद्र सिंह हालांकि अपनी टीम को आत्ममुग्धता से बचने और स्पेन को हलके में नहीं लेने की ताकीद कर चुके हैं । उन्होंने ‘भाषा’ से कहा ,‘‘ टूर्नामेंट के पहले चरण में हमारा प्रदर्शन अच्छा रहा । हमारा लक्ष्य पूल में शीर्ष पर रहना था जो हमने हासिल कर लिया । लेकिन क्वार्टर फाइनल में वही सारी टीमें है जिनके खेलने की अपेक्षा थी । हम किसी को हलके में लेने की गलती नहीं करेंगे । मैने खिलाड़ियों से अपने बेसिक्स पर डटे रहने और दबाव नहीं लेने के लिये कहा है ।’ भारत ने पहले मैच में कनाडा को 4 . 0 से हराने के बाद इंग्लैंड को 5 . 3 से मात दी हालांकि तीसरे ग्रुप मैच में उसे दक्षिण अफ्रीका पर 2 . 1 से जीत के लिये मशक्कत करनी पड़ा ।
गौरतलब है कि इससे पहले खिताब के प्रबल दावेदार ऑस्ट्रेलिया और बेल्जियम ने सोमवार (12 दिसंबर) को यहां आसान जीत के साथ पुरुष जूनियर हॉकी विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में जगह सुनिश्चित की थी। ऑस्ट्रेलिया ने पूल ए में ऑस्ट्रिया को 4-1 से करारी शिकस्त दी जबकि नीदरलैंड ने पूल बी में मिस्र को 7-0 से रौंदा था।
अर्जेंटीना ने सोमवार (12 दिसंबर) को पूल ए के एक अन्य मैच में कोरिया को 5-1 से हराया और इस तरह से ऑस्ट्रिया से बेहतर गोल अंतर से क्वार्टर फाइनल के लिये क्वॉलीफाई किया। अर्जेंटीना और ऑस्ट्रिया दोनों ने लीग चरण में तीन तीन मैचों में समान चार अंक हासिल किये। अर्जेंटीना की टीम हालांकि दो गोल के अंतर के कारण आगे बढ़ने में सफल रही। दूसरी तरफ से बेल्जियम ने मलेशिया को हराकर अपनी लगातार तीसरी जीत दर्ज की और इस तरह से पूल बी में शीर्ष पर रहकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। नीदरलैंड उसके बाद दूसरे स्थान पर रहकर अंतिम आठ में पहुंचा।

