पूर्व विजेता एटीके को बुधवार (28 नवंबर) को इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के पांचवें सीजन में अपने घर साल्ट लेक स्टेडियम में खेले गए मैच में एफसी गोवा के खिलाफ काफी प्रयासों के बाद भी जीत नसीब नहीं हुई और गोलरहित ड्रॉ खेलना पड़ा। यह एटीके का इस सीजन का तीसरा ड्रॉ मैच है। उम्मीद थी कि दो बार की विजेता एटीके अपने घरेलू प्रशंसकों के सामने जीत हासिल करने में सफल रहेगी लेकिन गोवा ने उसके सभी प्रयासों को विफल कर दिया।

इस ड्रॉ के कारण दोनों टीमों को एक-एक अंक बांटने पड़े। इससे हालांकि एफसी गोवा को फायदा हुआ है। एक अंक खाते में डाल वह दूसरे स्थान पर आ गई है। उसके नौ मैचों में पांच जीत, दो ड्रॉ और दो हार के बाद 17 अंक हो गए हैं। नार्थईस्ट युनाइटेड एफसी के भी 17 अंक हैं लेकिन गोवा गोल अंतर में उससे बेहतर स्थिति में है। वहीं एटीके नौ मैचों में तीन जीत, तीन ड्रॉ और तीन हार के साथ 12 अंक लेकर छठे स्थान पर बनी हुई है।

मैच की शुरुआत दोनों टीमों ने धीमी की। एटीके और गोवा शुरुआती मिनटों में एक दूसरे पर दबाव नहीं बना पाईं। 13वें मिनट में गोवा के पास गोल करने का बेहतरीन मौका आया। गोवा को कॉर्नर मिला जो क्लीयर कर दिया गया। गेंद अहमद जाहो के पास पहुंची जिन्होंने माउतार्दा फॉल को डॉइगनल पास दिया। फॉल का हेडर पोस्ट के बाहर चला गया और गोवा के पास से बढ़त लेने का मौका भी चला गया।

एटीके को भी 27वें मिनट और 28वें मिनट में दो मौके मिले। पहले जयेश राणे और हितेश शर्मा ने मिलकर गेंद एवरटन सांतोस के पास पहुंचाई जो गोल करने में असफल हो गए। एक मिनट बाद जयेश ने मैनुएल लैंजारोते से मिले पास को एक बार फिर सांतोस के पास पहुंचाया। इस बार सांतोस की किक के बीच में गोलकीपर आ गए।

32वें मिनट में एटीके के दो खिलाड़ी आंद्रे बिके और प्रणॉय हल्दर को येलो कार्ड मिले। पहले हाफ के खत्म होने तक दोनों टीमें गोल करने में असफल रहीं लेकिन जाते-जाते एफसी गोवा के कार्लोस पेना को येलो कार्ड मिल गया जो इस हाफ में तीसरा येलो कार्ड था।

दूसरे हाफ में ईदू बेदिया ने एक कोशिश की लेकिन उनका शॉट सीधे अरिंदम भट्टाचार्य के हाथों में चला गया। सांतोस के पास एक और मौका आया जिस पर वह एक बार फिर असफल हो गए। गोल न होता देखा गोवा ने बदलाव किया और जैकीचंद सिंह को बाहर कर मनवीर सिंह को मैदान पर उतारा। एटीके ने भी भांप लिया कि सांतोस की किस्मत उनके साथ नहीं है, इसलिए 68वें मिनट में कोच स्टीव कोपेल ने उनके स्थान पर इलि बाबाजी को मैदान पर भेज दिया।

इससे दो मिनट पहले एक ऐसा मौका आया जब लगा कि गोवा को पेनाल्टी मिलेगी लेकिन रैफरी ने उसे नकार दिया। गेंद पेनाल्टी एरिया में एटीके के डिफेंडर आंद्रे बिके के हाथ से टकराई थी। रैफरी की निगाहें हालांकि इसे पकड़ने से चूक गईं और एटीके भाग्यशाली साबित हुई। 70वें मिनट में बेदिया को भी येलो कार्ड मिला जो इस मैच का चौथा येलो कार्ड रहा। आखिरी मिनटों में दोनों टीमें गोल करने के लिए जी जान लड़ा रहीं थीं, लेकिन इन दोनों टीम के तमाम प्रयास विफल रहे और मैच गोलरहित समाप्त हुआ।