भारत की दृष्टिबाधित क्रिकेट टीम ने बांग्लादेश को हराकर दृष्टिबाधित क्रिकेट विश्व कप टूर्नामेंट के फाइनल में प्रवेश कर लिया है। एमसीसी ग्राउंड पर खेले गए मैच में बुधवार को भारत ने बांग्लादेश को सात विकेट से हरा दिया। भारतीय टीम का सामना अब फाइनल में 20 जनवरी को पाकिस्तान से शारजाह में होगा। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए बांग्लादेश ने 38.5 ओवरों में सभी विकेट खोकर 256 रनों का स्कोर बनाया। इस पारी में भारत के लिए दुर्गा राव ने तीन विकेट लिए और केवल 20 रन दिए। इसके अलावा, दीपक मलिक और प्रकाश ने भी दो-दो विकेट हासिल किए।

बांग्लादेश के लिए पारी की शुरुआत खराब रही, क्योंकि उसने शुरुआत में ही अपने अहम विकेट गंवा दिए। टीम के लिए सबसे अधिक रन अब्दुल मलिक (नाबाद 108) ने बनाए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को मैन ऑफ द मैच गणेशभाई मुहुदकर के शतक ने जीत दिलाई। उन्होंने केवल 69 गेंदों का सामना करते हुए 112 रनों की पारी खेली। भारतीय टीम के लिए मुहुदकर के अलावा, दीपक मलिक ने 53 रन बनाए और नरेश ने 43 रनों का योगदान दिया।

इस टूर्नामेंट में भारतीय टीम अविजित रही है और वह इसमें खिताबी जीत की प्रबल दावेदार है। बता दें कि भारत ने दृष्टिबाधित क्रिकेट विश्व कप में नेपाल को हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया था। रविवार को ईडन गार्डन सी.जी. अजमान स्टेडियम में खेले गए मैच में भारत ने नेपाल को आठ विकेट से हराया था। नेपाल ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था। भारतीय टीम की शानदार गेंदबाजी के आगे बेबस रही नेपाल नौ विकेट के नुकसान पर केवल 156 रन ही बना पाई थी।

भारत के लिए प्रकाश जयरमैया ने दो विकेट लिए, वहीं कप्तान अजय रेड्डी, प्रेम कुमार, रामबीर और जाफर इकबाल को एक-एक सफलता मिली थी। भारतीय टीम ने अपनी शानदार बल्लेबाजी के दम पर नेपाल की ओर से मिले लक्ष्य को केवल दो विकेट के नुकसान पर हासिल कर लिया था। मैन ऑफ द मैच रहे अजय गारिया (बी-2) ने सबसे अधिक 54 रन बनाए थे। इसके अलावा, महेंदर ने नाबाद 40 रनों की पारी खेली थी। रामबीर ने 38 रन बनाए थे।