इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (आईओए) ने कॉमनवेल्थ गेम्स फेडरेशन की सितंबर में होने वाली जनरल एसेंबली (महासभा) में भाग लेने से मना कर दिया है। उसने यह कदम 2022 में बर्मिंघम में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स से निशानेबाजी की स्पर्धा को हटाने के विरोध में उठाया है। उसने अपने फैसले से कॉमनवेल्थ गेम्स फेडरेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) डेविड ग्रेवेमबर्ग को अवगत करा दिया है। इसके साथ ही आईओए ने रीजनल वाइस प्रेसिडेंट के पद के लिए अपने महासचिव राजीव मेहता के साथ-साथ खेल समिति के सदस्य के लिए नामदेव शिरगांवकर के नामांकन को भी वापस ले लिया है।
आईओए ने पत्र में लिखा है, ‘भारत के कॉमनवेल्थ गेम्स एसोसिएशन (सीजीए इंडिया) के पदाधिकारियों ने सितंबर में रवांडा के किगाली में होने वाली सीजीएफ की जनरल एसेंबली में हिस्सा नहीं लेने का फैसला किया है। जनरल एसेंबली के दौरान होने वाले चुनाव के लिए सीजीए इंडिया के उम्मीदवारों के नामांकन भी वापस लिए जाते हैं। राजीव मेहता ने रीजनल वाइस प्रेसिडेंट (एशिया) और नामदेव शिरगांवकर ने स्पोर्ट्स कमेटी के सदस्य के लिए नामांकन भरा था।’
पिछले महीने कॉमनवेल्थ गेम्स फेडरेशन के कार्यकारी बोर्ड की बैठक हुई थी। उस बैठक में फेडरेशन ने निशानेबाजी को 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में शामिल नहीं किए जाने का फैसला किया था। हालांकि, उसने 3 नए खेलों का शामिल करने का ऐलान किया था। मेहता ने तब कहा था कि आईओए 2022 में होने वाले इस मल्टी स्पोर्टिंग इवेंट से हटने समेत कोई भी अभूतपूर्व कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा। हालिया पत्र में भी आईओए ने भारत के 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स से हटने की संभावना के संकेत दिए हैं।
