भारतीय क्रिकेट टीम के हरफनमौला खिलाड़ी हार्दिक पांड्या का कहना है कि वह दिग्गजों में शुमार कपिल देव से अपनी तुलना नहीं करना चाहते। वेबसाइट ‘ईएसपीएन’ की रिपोर्ट के अनुसार, हार्दिक चाहते हैं कि दुनिया उन्हें उनके नाम से ही जाने और वह कपिल नहीं बनना चाहते। इंग्लैंड के खिलाफ हार्दिक ने दूसरे दिन 28 रन देकर मेजबान टीम की पहली पारी में पांच विकेट लिए थे। ऐसे में दूसरे दिन अपने प्रदर्शन के बाद पांड्या ने कहा कि वह अन्य खिलाड़ियों के साथ अपनी तुलना से थक गए हैं।
हार्दिक ने कहा, “सबसे बड़ी समस्या यह है कि आप एक खिलाड़ी की तुलना दूसरे से करते हो और अचानक अगर कुछ गलत हो जाता है, तो लोग कहते हैं कि अरे यह तो कपिल की तरह नहीं है। मैं कभी भी कपिल नहीं बनना चाहता। मुझे हार्दिक पांड्या ही रहने दें। मैं अपनी पहचान के साथ ही खुश हूं। भारतीय टीम के हरफनमौला खिलाड़ी ने कहा, “मैंने अभी तक अपने करियर में 40 वनडे, 10 टेस्ट मैच खेले हैं और मैं अब भी हार्दिक ही हूं, कपिल नहीं हूं। उस युग में कई दिग्गज निकले। ऐसे में मुझे हार्दिक ही रहने दें। किसी और के साथ मेरी तुलना करना बंद करें। अगर आप मेरी तुलना बंद कर देंगे, तो मुझे खुशी होगी।
आपको बता दें कि भारत ने यहां ट्रेंट ब्रिज मैदान पर खेले जा रहे तीसरे टेस्ट मैच में इंग्लैंड के ऊपर अपना शिकंजा कस लिया। भारत ने मैच के दूसरे दिन रविवार का अंत अपनी दूसरी पारी में दो विकेट के नुकसान पर 124 रनों के साथ किया। इस मैच में पांड्या ने इंग्लिश बल्लेबाजों को भारत के पहली पारी के स्कोर के आस-पास तक भी नहीं जाने दिया। एक बार जब पांड्या ने सफलता का स्वाद चखा तो वह लगातार विकेट पर विकेट लेते गए। पांड्या का यह प्रदर्शन टेस्ट में उनका अभी तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। उनके अलावा जसप्रीत बुमराह और ईशांत शर्मा ने दो-दो विकेट अपने नाम किए। मोहम्मद शमी को एक विकेट मिला।
