भारत की 2036 ओलंपिक मेजबानी की महत्वाकांक्षाओं को देखते हुए खेल मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के स्तर पर सख्त रुख अपनाया है। हाल ही में संपन्न इंडिया ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट के दौरान स्टेडियम में गंदगी और अव्यवस्था के कारण हुई अंतरराष्ट्रीय किरकिरी के बाद, खेल मंत्रालय ने भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) को एक विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करने का निर्देश दिया है।
खेल मंत्रालय के इस कदम का उद्देश्य भविष्य में किसी भी अंतरराष्ट्रीय या घरेलू टूर्नामेंट में खिलाड़ियों और दर्शकों को असुविधा न हो और भारत की छवि पर दोबारा सवाल न उठें और वैश्विक मानकों से किसी भी तरह के समझौते को रोकना है।
इंडिया ओपन के दौरान नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में बैडमिंटन कोर्ट पर चिड़ियों की बीट, दर्शकों के स्टैंड में बंदर और ट्रेनिंग सुविधाओं और सार्वजनिक जगहों पर गंदगी जैसी समस्याएं थीं, जिनसे टूर्नामेंट की इमेज खराब हुई। SAI (स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ यइंडिया) राष्ट्रीय राजधानी में पांच स्टेडियमों के रखरखाव के लिए जिम्मेदार है, जिसमें इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम भी शामिल है।
सूत्र के हवाले से समाचार एजेंसी PTI ने बताया, ‘हम चाहते हैं कि नेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन को इवेंट्स आयोजित करने की आजादी मिले, लेकिन सच यह है कि जब कुछ गलत होता है, तो जनता की नजर में हमेशा खेल मंत्रालय ही जवाबदेह होता है, इसलिए यह सही है कि मंत्रालय योजना तैयार करने के दौरान से ही इसमें शामिल हो।’
सूत्र ने बताया, ‘इसलिए, एक SOP बनाया जाएगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भारत में होने वाला हर आयोजन ठीक से प्लान किया जाए और एथलीटों को कोई परेशानी न हो, खासकर इंटरनेशनल खिलाड़ियों को। मंत्रालय इस मैकेनिज्म के जरिए नजर रखेगा।’
भारत में आयोजन कराने में मंत्रालय की भूमिका अधिकतर वित्तीय मदद देने तक ही सीमित है, लेकिन भारत की 2036 ओलंपिक बिड दांव पर होने के कारण, वह आगे चलकर ज्यादा एक्टिव रोल निभाने की योजना बना रहा है। सूत्र ने बताया, ‘हम रिएक्टिव नहीं हो सकते, हम चीजों के बिगड़ने का इंतजार नहीं कर सकते और फिर दखल नहीं दे सकते। तैयारी के स्तर से ही चीजों की देखरेख करने में एक SOP काम आएगा।’
अभी यह साफ नहीं है कि SOP कब तक बनाया जाएगा, लेकिन उम्मीद है कि इसमें कुछ हफ्तों से ज्यादा का समय नहीं लगेगा। यह फैसला खेल मंत्री मनसुख मंडाविया की पिछले हफ्ते SAI अधिकारियों के साथ हुई बैठक के दौरान लिया गया, जिसमें पिछले हफ्ते हुई गड़बड़ी के बारे में स्पष्टीकरण मांगा गया था।
इंडिया ओपन में हुई अव्यवस्था ने देश के लिए एक ‘धारणा संकट’ पैदा कर दिया है जो 2036 ओलंपिक की बोली के लिहाज से अहम साबित हो सकता है। भारत में अगली बड़ी प्रतियोगिता दो से 14 फरवरी तक दिल्ली के कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में होने वाली एशियाई निशानेबाजी चैंपियनशिप (राइफल/पिस्टल) है। यह स्थल भी साई के अधीन है।
सूत्र ने कहा. ‘एसओपी का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वैश्विक मानकों का पालन हो। इसमें स्थल की स्वच्छता और सुरक्षा, पहुंच की सुविधा और उपयोगिताओं के रखरखाव पर खास ध्यान दिया जाएगा ताकि खिलाड़ियों के साथ ही दर्शकों को किसी तरह की असुविधा नहीं हो।’
पिछले सप्ताह इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में फैली अव्यवस्था को लेकर साई की कड़ी आलोचना हुई थी। आईजी स्टेडियम में जब प्रतियोगिताएं नहीं हो रही होती, तब भी यह देश के जिम्नास्टों का प्रमुख ट्रेनिंग केंद्र है और यहां मुक्केबाजी शिविर भी लगाए जाते हैं। सूत्र ने बताया कि वैश्विक प्रतियोगिताओं की मेजबानी की भारत की इच्छा को देखते हुए देश को उससे जुड़ी कड़ी जांच के लिए तैयार रहना होगा।
उन्होंने कहा, ‘महत्वाकांक्षा का यही स्वाभाविक परिणाम होता है। हमें अपनी तैयारियों को साबित करना होगा, ना कि दूसरों से समझौते की उम्मीद करनी चाहिए। इसी वजह से भविष्य में मंत्रालय की भूमिका और अधिक प्रभावी होगी।’ इस वर्ष भारत अप्रैल में अहमदाबाद में एशियाई भारोत्तोलन चैंपियनशिप और अगस्त में भुवनेश्वर में वर्ल्ड एथलेटिक्स कॉन्टिनेंटल टूर सिल्वर मीट की भी मेजबानी करेगा। अहमदाबाद 2036 ओलंपिक की मेजबानी का इच्छुक है और यहीं पर 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन किया जाएगा।
