आॅस्ट्रेलिया में चल रहे बिग बैश लीग के इस संस्करण में क्रिकेट मैदान पर रोमांच और जूनून खूब देखने को मिला है। इस लीग में कई खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए अपने अपने देशों की राष्ट्रीय टीम में खेलने के लिए अपना दावा पेश किया है। क्रिस लिन ने अपनी धाकड़ बल्लेबाजी का नमूना पेश करते हुए स्टेडियम से बाहर छक्के लगाए। उनका एक छक्का तो इतना दूर जाकर गिरा कि इसे विश्व क्रिकेट इतिहास का सबसे लंबे छक्के का तमगा हासिल हुआ। उन्होंने 121 मीटर लंबा छक्का लगाया था। वहीं, इस दौरान कई खिलाड़ी चोटिल भी इुए जिसमें वेस्टइंडीज के स्टार आॅलराउंडर ड्वेन ब्रॉवो का नाम भी शामिल है। ब्रॉवो को हैम्स्ट्रिंग इंजरी के चलते स्ट्रेचर पर लादकर मैदान से बाहर ले जाया गया। वहीं वेस्टइंडीज के एक अन्य आॅल राउंडर आंद्रे रसेल अपने रंगबिरंगे बल्ले के कारण चर्चा के केंद्र में रहे।

अब बारी है वेस्टइंडीज के एक और चोटी के आॅलराउंडर केरॉन पोलार्ड की। वैसे तो यह कैरिबियन खिलाड़ी किसी न किसी वजह से हमेशा चर्चा के केंद्र में रहता है। लेकिन, इस बार वह किसी विवाद के कारण चर्चा में नहीं हैं। दरअसल, बिग बैश लीग के दौरान मेलबर्न स्टार्स और एडिलेड स्ट्राइकर्स के बीच मुकाबला था। मेलबर्न स्टार्स के बल्लेबाज केविन पीटरसन ने एडिलेड स्ट्राइकर्स के आॅलराउंडर केरॉन पोलार्ड के खिलाफ बल्लेबाजी करने से मना कर दिया। दरअसल, केरॉन पोलार्ड ने अपने दाहिने हाथ की हथेली को टेप से पूरी तरह ढंक रखा था। मेलबर्न स्टार्स के बैट्समैन केविन पीटरसन को इसके पीछे कोई ट्रिक होने का संदेह हुआ और उन्होंने पोलार्ड के खिलाफ बल्लेबाजी करने से मना कर दिया।

केविन पीटरसन ने इस बारे में मैदानी अंपायर्स से शिकायत की जिसके बाद खेल कुछ देर के लिए रोक दिया गया। पीटरसन ने पोलार्ड के हाथ में लपेटे गए टेप के पीछे क्या वजह है यह जानना चाहा। इसके बाद अंपायर्स ने पोलार्ड को बुलाकर उनका हाथ देखा और उनसे हथेली में टेप लपेटने के पीछे क्या वजह है इस बारे में पूछा। केरॉन पोलार्ड ने मैदानी अंपयर्स को पूरा मामला समझाया जिसके बाद दोनों मैदानी अंपायर्स संतुष्ट नज़र आए और पोलार्ड को गेंदबाजी करने के लिए अनुमति दे दी। केरॉन पोलार्ड ने केविन पीटरसन के संदेह को दूर करने के लिए खुद जाकर उनसे बातचीत की और इसके बाद पीटरसन भी संतुष्ट दिखे। 153 रन के लक्ष्य कर पीछा करते हुए मेलबर्न स्टार्स ने यह मैच 2 विकेट से जीत लिया। बेन हिल्फेनहॉस ने आठवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए अपनी टीम को जीत दिलायी।