भारतीय महिला पहलवान साक्षी मलिक ने 58 किग्रा वर्ग कुश्ती मुकाबले में रेपीचाज़ के दूसरे दौर में कजाकिस्तान की महिला पहलवान को हराकर रियो ओलंपिक में कांस्य पदक जीत लिया है। पदक जीतकर रोहतक गर्ल साक्षी मलिक ने देश का मान बढ़ाया है। साक्षी के बाद बैटमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु से ओलंपिक में देश के लिए मेडल जीतने की उम्मीद की जा रही है। साल 1980 मॉस्को ओलंपिक में भारत ने 14 मेडल जीते थे। उस लिहाज से 8.92 करोड़ लोगों के हिस्से में एक मेडल आएगा। इसी तरह भारत ने लंदन ओलंपिक में 6 मेडल हासिल किए थे। जिसमें दो सिल्वर और 4 ब्रॉन्ज मेडल शामिल थे।
फिलहाल रियो ओलंपिक 2016 में भारत ने अब तक सिर्फ एक मेडल जीता है। दूसरे मेडल की उम्मीद पीवी सिंधु की जा रही है। हाल में शूटर अभिनव बिंद्रा ने एक ट्वीट में लिखा था- ‘ब्रिटेन ने हर पदक पर 55 लाख पाउंड (भारतीय करेंसी में करीब 48 करोड़ रुपए) खर्च किए हैं। इतनी मात्रा में निवेश किए जाने की जरूरत है। जब तक देश में व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया जाता, तब तक पदक की उम्मीद नहीं की जानी चाहिए। बिंद्रा ने अपने ट्वीट के लिए ब्रिटेन के ‘द गार्डियन’ के एक लेख का हवाला दिया है। इस लेख में बताया गया है कि ब्रिटेन ने मेडल के लिए कितना खर्च किया है।
2020 में टोक्यो में होने वाले ओलंपिक गेम्स में अगर उम्मीद करे कि भारत को 10 मेडल मिले। तो अभिनव बिंद्रा के ट्वीट के मुताबिक भारत को 10 मेडल के लिए करीब 480 करोड़ रुपए खर्च करने होंगे। बिंद्रा ने अपने ट्टीट के माध्यम से भारत की व्यवस्था पर निशाना साधा था। गौरतलब है कि बिंद्रा रियो ओलिंपिक की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा के फाइनल में चौथे स्थान पर रहे थे और कांस्य पदक से चूक गए।
Each medal costs the UK £5.5 million. That’s the sort of investment needed. Let’s not expect much until we put systems in place at home.
— Abhinav Bindra (@Abhinav_Bindra) August 16, 2016
