जूनियर विश्व कप विजेता भारतीय टीम के सदस्य हरमनप्रीत सिंह ने कहा कि हाकी इंडिया लीग (एचआइएल) में खेलने से उन जैसे युवा खिलाड़ियों को दुनिया की शीर्ष टीमों से भिड़ने में मदद की। एचआइएल में दबंग मुंबई की ओर से खेलने वाले हरमनप्रीत ने कहा कि लीग ने उन्हें विश्व कप की तैयारी करने में मदद की। इस 21 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा, ‘विदेशी खिलाड़ी काफी उत्साह बढ़ाते हैं और वे हमारी गलतियां सुधारने में भी हिचकिचाते नहीं हैं।’ हरमनप्रीत ने कहा, ‘मार्क नोल्स या मोरिट्ज फुर्त्से जैसे शीर्ष खिलाड़ियों के खिलाफ खेलने का मतलब भी यही है कि महान खिलाड़ियों के खिलाफ खेलने का डर भी खत्म हो जाता है।’ उन्होंने कहा, ‘आमतौर पर जब हम विभिन्न राष्ट्रीय टीमों के लिए खेलते हैं तो कोच उस विशेष प्रतिद्वंद्वी टीम के खिलाफ अलग रणनीति बताते हैं। जूनियर विश्व कप के लिए हमारी योजना भी ऐसे ही कार्यान्वित हुई थी और एचआइएल में खेलने से हमने काफी कम समय में विभिनन वैरिएशन में अनुकूलित होना सीखा जिससे हमारे लिए कोच रोलेंट ओल्टमैंस की योजनाओं को कार्यान्वित करने में भी काफी आसानी हुई।’