हाल ही में डेनमार्क ओपन का खिताब जीतने वाले भारत के बैडमिंटन खिलाड़ी किदाम्बी श्रीकांत ने शनिवार को हमवतन एच.एस. प्रणॉय को वर्ल्ड सुपर सीरीज टूर्नामेंट फ्रेंच ओपन के सेमीफाइनल में मात देते हुए फाइनल में प्रवेश कर लिया है। श्रीकांत ने प्रणॉय को तीन गेम तक चले कड़े मुकाबले में 14-21, 21-19, 21-18 से मात दी।

श्रीकांत और प्रणॉय के बीच पूरे मैच में अच्छी प्रतिस्पर्धा देखी गई। यह मैच एक घंटे तीन मिनट तक चला। पहले गेम में श्रीकांत 5-7 से पीछे थे लेकिन ब्रेक तक उन्होंने स्कोर 11-11 से बराबर कर लिया। हालांकि प्रणॉय ने फिर 18-14 से बढ़त ले ली। श्रीकांत ने हार नहीं मानी और कोशिश जारी रखी लेकिन प्रणॉय 21-14 से गेम जीत ले गए।

श्रीकांत ने दूसरे गेम में वापसी की और 9-7 की बढ़त ले ली। इस दो अंक की बढ़त के साथ ही उन्होंने दूसरा गेम जीत मुकाबला तीसरे गेम में पहुंचा दिया। निर्णायक मैच में श्रीकांत 12-15 से पीछे थे लेकिन उन्होंने स्कोर 18-18 से बराबर किया और फिर तीन लगातार अंक लेते हुए फाइनल में प्रवेश किया। फाइनल में उनका सामना डेनमार्क के आंद्रेस एंटोनसेन और जापान के केंटा निशिमोटो के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल मैच के विजेता से होगा।

सेमीफाइनल में हारी पीवी सिंधु: रियो ओलम्पिक-2016 में रजत पदक हासिल करने वाली भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पी.वी. सिंधु डब्ल्यूबीएफ वर्ल्ड सुपरसीरीज टूर्नामेंट फ्रेंच ओपन के सेमीफाइनल में जापान की अकाने यामागुची के हाथों परास्त होकर फाइनल में जगह बनाने से चूक गई। महिला एकल वर्ग के सेमीफाइनल में यामागुची ने शनिवार को सिंधु को सीधे गेमों में आसान मुकाबले में 21-14, 21-9 से मात दी।

सिंधु पहले गेम से शुरुआती मिनटों में ही यामागुची का सामना करती दिखीं लेकिन एक बार जब जापानी खिलाड़ी सिंधु पर हावी हुईं तो उन्होंने भारतीय खिलाड़ी को वापसी का मौका नहीं दिया। पहला गेम एक समय बराबरी पर चल रहा था, लेकिन 14 अंकों के बाद सिंधु एक भी अंक नहीं ले पाईं और यामागुची ने लगातार अंक लेते हुए पहला गेम अपने नाम किया।

जापानी खिलाड़ी ने दूसरे गेम की भी शानदार शुरुआत की और लगातार छह अंक लेकर सिंधु को बैकफुट पर धकेल दिया। कुछ देर बाद यामागुजी 9-2 से आगे थीं। इस फासले को उन्होंने बरकरार रखा और दूसरा गेम जीतते हुए कुल 37 मिनट में फाइनल का सफर तय किया। खिताब के लिए फाइनल में यामागुची का सामना दक्षिण कोरिया की ताइ जु यिंग से होगा जिन्होंने चीन की ही बिंगजियाओ को 21-14, 17-21, 21-8 से मात देते हुए फाइनल में प्रवेश किया है।