फीफा वर्ल्ड कप 2018 में अर्जेंटीना की टीम अभी तक कुछ खास कमाल दिखाने में नाकाम रही है, लेकिन यह टीम वापसी के लिए जानी जाती है। टीम के खिलाड़ियों के फैन्स ना सिर्फ अर्जेंटीना में बल्कि पूरी दुनिया में मौजूद हैं। इन सब खिलाड़ियों में लियोनेल मेसी की फैन फॉलोइंग सबसे अधिक है। लियोनेल मेसी की तरह ही अर्जेंटीना के महान फुटबॉलर डिएगो माराडोना भी अपने समय में फैन्स के बीच काफी पॉपुलर हुआ करते थे। डिएगो माराडोना ने साल 1986 में इंग्लैंड के खिलाफ गोल कर टीम को फाइनल में पहुंचाने का काम किया था। दरअसल, 22 जून 1986 को मैक्सिको सिटी में अर्जेंटीना और इंग्लैंड के बीच क्वॉर्टर फाइनल मुकाबला खेला गया। इस मैच के जीतने के लिए दोनों ही टीमों के खिलाड़ियों ने मैदान पर पूरी जान झोंक दी। इंग्लैंड और अर्जेंटीना के बीच फुटबॉल मैच हमेशा से ही काफी रोमांचक भरा होता रहा है, इस लिहाज से फैन्स को इस मैच से भी काफी उम्मीदें थी।
द गार्जियन में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक इस मैच में इंग्लैंड की टीम पहले हाफ तक एक गोल के साथ आगे थी, लेकिन फिर कुछ ऐसा हुआ कि मैच पूरी तरह से अर्जेंटीना के पक्ष में चला गया। 51वें मिनट में अर्जेंटीना के खिलाड़ी जॉर्ज वल्दानो ने गेंद माराडोना की तरफ हवा में फेंकी। माराडोना गेंद को सिर से मारने की कोशिश में ऊपर की ओर उछले लेकिन गेंद उनके हाथ से लगकर गोल चली गई। इंग्लैंड के खिलाड़ियों ने इस बात को लेकर नाराजगी जताई लेकिन मैच के रेफरी रहे टू्यूनीशिया के अली बिन नसर ने इसे गोल करार दिया।
रेफरी के मुताबिक उन्होंने गेंद को खिलाड़ी के हाथ से लगते हुए नहीं देखा। इसके बाद माराडोना ने एक ओर गोलकर अर्जेंटीना को जीत दिला दी। इस मैच को जीतने बाद अर्जेंटीना की टीम ने फाइनल भी आसानी से जीतते हुए खिताब अपने नाम किया और साल 1986 फुटबॉल वर्ल्ड कप का चैंपियन बना। आज भी लोग 1986 में खेले गए इस मुकाबले को माराडोना की उस गोल की वजह से याद करते हैं।
