लंदन ओलम्पिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकीं निशानेबाज जयदीप कर्माकर ने मंगलवार को भारतीय खेल प्रधिकरण (साई) के क्षेत्रीय निदेशक मनमीत सिंह गोइंडी पर अपनी छवि खराब करने का आरोप लगाया है। गोइंडी ने हाल ही में दिए बयान में कहा था कि जयदीप ने अपनी निजी अकादमी का बकाया साई ट्रेनिंग सेंटर में जमा नहीं किया है। जयदीप ने पिछले साल साई के पूर्वी सेंटर के सहयोग से अपनी निशानेबाजी अकादमी शुरू की है। गोइंडी ने कुछ दिनों पहले कहा था कि जयदीप ने इस अकादमी के लिए साई को एक भी रुपया नहीं दिया है। उन्होंने कहा है कि रेलवे का कर्मचारी होने के नाते उन्हें अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) भी देना चाहिए था।
जयदीप ने गोइंडी के आरोपों का जवाब देते हुए मंगलवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “एक महीने पहले ही पूरा भुगतान किया जा चुका है, लेकिन इसके बाद क्षेत्रिय निदेशक आते हैं और कहते हैं कि किराए का एक भी पैसा नहीं दिया गया।”
उन्होंने कहा, “मैं नहीं जानता कि वह मेरी छवि को धूमिल करना चाहते हैं लेकिन साई से ई-मेल मिलने के बाद हमने दो दिन के अंदर 29 नवंबर को 1,44,430 रुपये की राशि अदा कर दी। उन्होंने कहा, “उसके बाद से साई ने हमसे कोई संपर्क नहीं किया है। वह हर साल हर खिलाड़ी से 150 रुपये का प्रवेश शुल्क ले रहे थे, लेकिन अचानक से यह 750 रुपये प्रति महीने कर दी गई।
जयदीप ने गोइंडी के उस बयान का खंडन किया है जिसमें उन्होंने रेलवे कर्मचारी होते हुए जयदीप पर एनओसी न देने का आरोप लगाया है। जॉयदीप ने इसका खंडन करते हुए कहा, “मैं भारतीय रेलवे का कर्मचारी हूं और इंडियन रेलवे सर्विस के नियम 1966 के पेज नबंर 14 के अनुच्छेद 2 (1) के तहत सरकारी की मंजूरी और गैरमंजूरी से साहित्य, विज्ञान और चैरिटेबल सोसायटी या खेल, कला के विकास में किसी भी तरह से हिस्सा ले सकता हूं।
जयदीप ने गोइंडी पर पलटवार करते हुए उन पर खेल को बढ़ावा न देने का आरोप लगया है। उन्होंने कहा, मैं यह कहना चाहूंगा कि गोइंडी साई जैसी संस्था के साथ रहते हुए और उसके क्षेत्रीय निदेशक होते हुए भी खेल को बढ़ावा नहीं दे रहे हैं।
