अगले साल से होने वाले दक्षिण अफ्रीका दौरे के लिए टीम मैनेजमेंट ने बीसीसीआई के सामने एक डिमांड रखी है। हाल ही में सेलेक्टर्स ने दक्षिण अफ्रीका दौरे के लिए भारतीय टीम का सेलेक्शन किया था। इसके तहत 17 खिलाड़ी को टीम में शामिल किया गया है। अगर तेज गेंदबाजों की बात की जाए तो इशांत शर्मा, उमेश यादव, भुवनेश्वर कुमार और मोहम्मद शमी के साथ जसप्रीत बुमराह को भी टीम में जगह मिली है। इसके बावजूद टीम मैनेजमेंट चाहती है कि कुछ तेज गेंदबाज और टीम के साथ जुड़े। बीसीसीआई के सामने टीम मैनेजमेंट ने कुछ तेज गेंदबाजों के नाम भी रखे हैं। इस लिस्ट में सबसे पहला नाम हैदराबाद के मोहम्मद सिराज का है। इसके अलावा मध्यप्रदेश के अवेश खान, दिल्ली के तेज गेंदबाज नवदीप सैनी और केरला की तरफ से खेलने वाले बसील थम्पी का नाम भी इस लिस्ट में शामिल है। केप टाउन, सेंचुरियन और जोहान्सबर्ग में होने वाले टेस्ट मैचों के लिए टीम ज्यादा से ज्यादा तेज गेंदबाजों के साथ मैदान पर उतरना चाहती है।

इसके पीछे की एक वजह कागीसो रबादा, मॉर्न मॉर्केल, वर्नोन फिलेंडर और डेल स्टेन जैसे गेंदबाज भी हो सकते हैं। दक्षिण अफ्रीका में ये सभी गेंदबाज भारतीय बल्लेबाजों के सामने परेशानी खड़ी कर सकते हैं। ऐसे में भारतीय टीम भी पूरी तैयारी के साथ वहां जाना चाहेगी। हालांकि, केरला की तरफ से खेलने वाले बसील थम्पी को श्रीलंका के खिलाफ होने वाली टी-20 सीरीज के लिए टीम में शामिल किया जा चुका है।

वहीं दक्षिण अफ्रीका में भी स्पिन विभाग की जिम्मेदारी रविचंद्रन अश्विन और रविंद्र जडेजा के कंधों पर होगी। चाइनामैन कुलदीप यादव को टीम से बाहर किया गया है। दक्षिण अफ्रीका में भारत के पास सिर्फ दो स्पिन गेंदबाज ही होंगे। इसकी एक वजह वहां की विकेट भी हो सकती है।

