भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर को विश्व के ऐसे पहले खिलाड़ी के रूप में जाना जाता है जिन्होंने टेस्ट प्रारूप में दस हजार रन बनाने का कारनामा किया। उन्होंने ही अपने दौर में विश्व में सबसे अधिक 34 शतक बनाए थे। चलिए आज आपको महान खिलाड़ी गवास्कर के बारे में ऐसी रोचक बातें बताएंगे जो शायद आपने पहले कभी ना सुनी (पढ़ी) हों।

गावस्कर के वनडे और टेस्ट कॅरियर की बात की जाए तो आम खिलाड़ियों के मुकाबले उनके इन प्रारूप में हिसाब उल्टा-पुल्टा नजर आता है। दरअसल गावस्कर ने वनडे क्रिकेट में जो रन बनाए वो टेस्ट स्ट्राइक रेट से भी कम की औसत से बनाए जबकि टेस्ट में उनका स्ट्राइक रेट वर्तमान में क्रिकेट खेल रहे दिग्गज खिलाड़ियों से भी बहुत ऊपर है! आमतौर पर अन्य खिलाड़ियों में ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है। गावस्कर ने अपने 125 टेस्ट मैच में 51.12 की औसत से 10122 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 66.4 का रहा है। चौंकाने वाली बात तो ये हैं कि इस प्रारूप में उन्होंने वनडे के मुकाबले अधिक छक्के भी मारे हैं। टेस्ट और वनडे कॅरियर में गावस्कर के प्रारूप की तुलना की जाए तो हर स्तर पर उनका प्रदर्शन वनडे से अच्छा रहा है। नीचे चार्ट में देखिए-

गावस्कर के रिकॉर्ड…उन्हें आज भी दूसरे क्रिकेट खिलाड़ियो से खास बनाते हैं-
अपने दौर में टेस्ट में सबसे अधिकर रन बनाने और सबसे अधिक टेस्ट शतक का रिकॉर्ड भी गावस्कर के नाम रहा।
टेस्ट प्रारूप में दस हजार पूरे करने वाले विश्व के पहले बल्लेबाज थे गावस्कर
उन्होंने टेस्ट में 34 शतक मारने का वर्ल्ड रिकॉर्म कायम किया जिसे दिसबंर साल 2005 में महान खिलाड़ी सचिन ने तोड़ा
गावस्कर टेस्ट प्रारूप की दोनों इनिंग में तीन बार शतक मारने वाले पहले खिलाड़ी थे।
वर्तमान में टेस्ट में सबसे अधिक रन मारने के मामले में वह 12वें नंबर पहुंच गए हैं। अभी कुल 13 खिलाड़ियों ने टेस्ट दस हजार रन या इससे अधिक मारे हैं।
टेस्ट में उन्होंने उस समय सबसे मजबूत टीम रहे वेस्टइंडीज के खिलाफ 65 से अधिक की औसत से रन बनाए हैं।
गावस्कर को पद्मश्री और पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित किया जुका है।
टेस्ट में कप्तानी के दौरान गावस्कर का प्रदर्शन-



