पूर्व ऑलराउंडर शेन वॉटसन का मानना है कि ऑस्ट्रेलिया का आगामी भारत दौरा 2013 की श्रृंखला से बदतर नहीं हो सकता जब उन्हें और चार अन्य क्रिकेटरों को अनुशासन उल्लंघन के कारण निलंबित कर दिया गया था। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की वेबसाइट पर वॉटसन के हवाले से कहा गया, ‘यह 2013 से बदतर नहीं हो सकता।’ उन्होंने कहा, ‘यह शुरुआत के लिए अच्छा बिंदू है क्योंकि यह उतना बुरा था जितना हो सकता है, खिलाड़ियों को टेस्ट मैच से निलंबित कर दिया गया था। मुझे यकीन है कि इस बार ऐसा नहीं होगा।’ ऑस्ट्रेलिया को 2013 में भारत में 0-4 से क्लीनस्वीप का सामना करना पड़ा था और वॉटसन के अलावा जेम्स पेटिनसन, मिशेल जॉनसन और उस्मान ख्वाजा पर एक मैच का प्रतिबंध लगाया गया था।

ऑस्ट्रेलिया ने पिछले रविवार को 16 सदस्यीय टीम घोषित की जिसमें चार विशेषज्ञ स्पिनरों को शामिल किया गया है। अंतरराष्ट्रीय पदार्पण का इंतजार कर रहे मिच स्वेपसन, ऑलराउंडर एशटन एगर और ग्लेन मैक्सवेल फरवरी और मार्च में होने वाले दौरे के लिए टीम में शामिल हैं। वॉटसन ने हालांकि याद किया कि किस तरह ऑस्ट्रेलिया ने 2004-05 में ग्लेन मैकग्रा, मिशेल कास्प्रोविज और जेसन गिलेस्पी की तेज गेंदबाजी तिकड़ी और दिग्गज स्पिनर शेन वॉर्न की बदौलत जीत दर्ज की थी। वॉटसन ने कहा, ‘बेशक वहां जीतने का तरीका स्पिन गेंदबाजी के जरिये है लेकिन यह जरूरी नहीं कि सिर्फ स्पिन गेंदबाजी से जीता जा सके।’ उन्होंने कहा, ‘ऑस्ट्रेलियाई टीम ने जब 2004 में जीत दर्ज की थी तो उसके पास सिर्फ शेन वॉर्न और तीन तेज गेंदबाज थे। यह अपने मजबूत पक्ष के अनुसार खेलना है, अपने सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को खिलाना।’