आज ठीक 52 साल और एक दिन पहले भारत के गेंदबाज बापू नाडकर्णी ने इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट मैच में लगातार 131 डॉट बॉल्स डालकर विश्व रिकॉर्ड बनाया था जो आज तक नहीं तोड़ा जा सका है। साल 1964 में इंग्लैंड की क्रिकेट टीम भारत के दौरे पर आई थी। उस समय भारत को बहुत मजबूत विपक्षी टीम नहीं माना जाता था, जो इंग्लैंड जैसी टीम को टक्कर दे सके। भारत ने इस मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए शुरूआती दो दिनों में 457 रन का स्कोर खड़ा किया। इंग्लैंड ने मैच के तीसरे दिन अपने स्कोर 63/2 से आगे खेलना शुरू किया। इंग्लैंड के अधिकतर खिलाड़ी बीमार थे, उस समय विदेशी टीमें जब भारत दौरे पर आती थी तो उनके लिए सबसे सामान्य बीमारी पेट दर्द या लूज मोशन ही होता था। इंग्लैंड टीम के साथ ही ऐसा ही कुछ हुआ था।
इंग्लैंड का तीसरा विकेट 116 रन के कुल योग पर गिरा। मैच में पहली बार बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज बापू नाडकर्णी गेंदबाजी के लिए आए। इंग्लैंड की तरफ से क्रीज पर ब्रॉयन बोलुस और केन बैरिंगटन की जोड़ी क्रीज पर थी। पूरे दिन बापू नाडकर्णी ने एक के बाद एक बिना कोई रन दिए लगातार 21 ओवर गेंदबाजी की। जैसे मानों मैच रूक सा गया हो, इंग्लैंड के बल्लेबाज ना रन बना रहे थे और ना ही आउट हो रहे थे। उस समय बापू नाडकर्णी को विश्व क्रिकेट के सबसे किफायती और एकुरेट गेंदबाजों में शुमार किया जाता था और इस मैच में वो अपनी ख्याती के अनुरूप ही गेंदबाजी कर रहे थे। उन्होंने लगातार 131 गेंदें डॉट फेंकी। उस दिन मैच खत्म होने के समय बापू नाडकर्णी का गेंदबाजी विवरण था, 29 ओवर, 26 मेडंस, तीन रन और कोई विकेट नहीं। क्रिकेट में जबसे एक ओवर में 6 गेंदे फेंकी जाने लगीं उसके बाद से लेकर आज तक इस रिकॉर्ड को कोई दूसरा गेंदबाज तोड़ नहीं सका है और यह अनोखा विश्व रिकॉर्ड बापू नाडकर्णी के नाम दर्ज है।
ओवर के मामले में नाडकर्णी के नाम पर टेस्ट क्रिकेट में लगातार सबसे ज्यादा मेडन ओवर फेंकने का वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज है। गेंद के मामले में यह रिकॉर्ड दक्षिण अफ्रीकी ऑफ स्पिनर ह्यू टेफील्ड के नाम पर है। उन्होंने 1956-57 में लगातार 137 डॉट गेंद फेंकी थी। उस समय ओवर आठ गेंद का होता था तो इस तरह से उन्होंने 17.1 लगातार मेडन ओवर फेंके थे। टेस्ट क्रिकेट में बापू नाडकर्णी भारत के सबसे किफायती गेंदबाज हैं, जबकि दुनिया के किफायती गेंदबाजों की लिस्ट में वो चौथे नंबर पर आते हैं। इंग्लैंड के विलियम एटवेल (10 टेस्ट मैच, इकॉनमी रेट 1.31), इंग्लैंड के ही क्लिफ ग्लैडविन (8 टेस्ट मैच, इकॉनमी रेट 1.60) और दक्षिण अफ्रीका के ट्रेवर गॉडर्ड (41 टेस्ट मैच, इकॉनमी रेट 1.64) ही इस लिस्ट में नदकर्णी से ऊपर हैं। बापू नाडकर्णी ने भारत के लिए 41 टेस्ट मैच खेलकर 1.67 की औसत से 88 विकेट चटकाए हैं। इन्होंने टेस्ट क्रिकेट में लगातार 21 मेडन ओवर फेंकने का रिकॉर्ड 14 जनवरी 1964 को बनाया था। यह कारनामा उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ चेन्नई (उस समय मद्रास) में किया था।
