भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान मिताली राज हाल ही में बताया कि जब उन्होंने अपने करियर की शुरुआत की थी तो उन्हें कई तरह के मुश्किलों का सामना करना पड़ा था। मिताली ने कहा कि भारतीय खिलाड़ी के रूप में उन्होंने ट्रेन में जनरल बोगी में सफर किया है। उस समय वो भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सदस्य थी, इसके बावजूद भी उन्हें वो सारी सुविधाए नहीं मिलती थी जो पुरुष खिलाड़ियों को मिला करती थी। इसकी बड़ी वजह महिला क्रिकेटर का बीसीसीआई के अंतर्गत नहीं होना था। उन्होंने बताया कि एक बार वो हैदराबाद से दिल्ली की यात्रा वेटिंग टिकट के साथ किया था। उनके पास इतना भी पावर नहीं था कि वह अपने लिए एक सीट की व्यवस्था कर सकें। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि भले ही मुझे संघर्षों के गुजरना पड़ा हो, लेकिन उस दौरान मुझे खुद को और बेहतर और सशक्त बनाने का मौका मिला। महिला के रूप में मुझे और मेरी टीम की बाकी खिलाड़ियों को शुरुआत में इतनी ज्यादा चुनौतियों का सामना करना पड़ा कि हम आगे के लिए मानसिक रूप से काफी मजबूत हो गए।

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भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान मिताली राज (फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस)

मिताली ने वनडे और टेस्ट क्रिकेट में 50 से ज्यादा के एवरेज से बल्लेबाजी की है। वहीं टी20 क्रिकेट में उनका औसत 40 का रहा है। इसके साथ ही महिला वनडे क्रिकेट के इतिहास में मिताली राज 6000 रन बनाने वाली पहली महिला क्रिकेटर हैं। उन्होंने सिर्फ 183 मैचों में यह कारनामा किया है।

मिताली को महज 21 साल की उम्र में भारतीय महिला टीम का कप्तान बना दिया गया। साल 2013 में मिताली दुनिया की नंबर वन वनडे क्रिकेटर भी रही थीं। मिताली आज भी भारतीय महिला टीम की कप्तानी कर रही हैं और उनके नेतृत्व टीम ने कई उपलब्धियां भी हासिल कर चुकी है।