टीम इंडिया के सलामी बल्लेबाज मयंक अग्रवाल के तीसरे टेस्ट शतक के दम भारत ने बांग्लादेश के खिलाफ पहले टेस्ट क्रिकेट मैच के दूसरे दिन चाय के विश्राम तक तीन विकेट पर 303 रन बनाकर अपना पलड़ा भारी कर दिया। 156 रन बनाकर नाबाद रहे मयंक अग्रवाल और उप कप्तान अजिंक्य रहाणे के नाबाद 82 रन की मदद से भारत ने अब 153 रन की मजबूत बढ़त हासिल कर ली है। बांग्लादेश की टीम पहली पारी में 150 रन पर सिमट गयी थी। टेस्ट क्रिकेट में पहले ही दोहरा शतक लगा चुके अग्रवाल जब 150 रन पर पहुंचे तो कप्तान विराट कोहली ने खुश होकर उन्हें दो उंगलियां दिखायी जिसका मतलब था कि क्रीज पर डटे रहो और फिर से दोहरा शतक जड़ो। इस मैच में चेतेश्वर पुजारा ने 54 रन बनाए जबकि कोहली की बल्लेबाजी देखने के लिए स्टेडियम में पहुंचे लगभग 10,000 दर्शकों को हालांकि निराशा हाथ लगी।

इस मैच में वेस्टइंडीज दौरे से ही अच्छी फार्म में चल रहे रहाणे ने भी अपना 21वां टेस्ट अर्धशतक पूरा किया। इसके बीच उन्होंने 62वें टेस्ट मैच में 4000 रन भी पूरे किये। उनकी पारी में अब तक आठ चौके शामिल हैं। बांग्लादेश की तरफ से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले अबु जायेद (58 रन देकर तीन विकेट) ने उन्हें खाता भी नहीं खोलने दिया। पारी के शुरू में जायेद ने आफ कटर की और जब पगबाधा की उनकी अपील ठुकरा दी गयी तो डीआरएस का सहारा लिया। तीसरे अंपायर ने भारतीय कप्तान को पगबाधा करार दिया और इस तरह से कोहली शून्य पर पवेलियन लौट गये।

इससे पहले सुबह जायेद का भाग्य ने साथ नहीं दिया क्योंकि मेहदी ने उनकी गेंद पर पुजारा का कैच छोड़ दिया था। सौराष्ट्र के बल्लेबाज ने अगली गेंद पर स्क्वायर कट करके अपने टेस्ट करियर का 23वां अर्धशतक पूरा किया। लेकिन वह जीवनदान का फायदा नहीं उठा पाये और स्थानापन्न सैफ हसन ने तीसरी स्लिप में उनका शानदार कैच लिया। पुजारा ने अपनी पारी में नौ चौके लगाये तथा अग्रवाल के साथ दूसरे विकेट के लिये 91 रन की साझेदारी की।

अग्रवाल बांग्लादेश के खिलाफ पहले टेस्ट मैच की पहली पारी में खेलकर उन्होंने अपने टेस्ट करियर की बेस्ट पारी तो खेली ही साथ ही साथ वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में वो दो दोहरा शतक लगाने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बन गए।