ऑस्ट्रेलिया के सलामी बल्लेबाज डेविड वार्नर ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पर्थ टेस्ट के पहले दिन तेजतर्रार पारी खेली। उन्होंने केवल 39 गेंद में अर्धशतक जड़ मेहमान टीम को बैकफुट पर धकेल दिया। दक्षिण अफ्रीका के पहली पारी में 242 रन पर सिमटने के बाद वार्नर ने ऑस्ट्रेलिया को धमाकेदार शुरुआत दिलार्इ। उन्होंने शॉन मार्श के साथ बिना विकेट गंवाए 105 रन जोड़े। पहले दिन के खेल की समाप्ति पर वार्नर 73 रन बनाकर नाबाद रहे। इस पारी में उन्होंने 62 गेंद का सामना किया और 13 चौके व एक छक्का लगाया। हालांकि 17 रन के स्कोर पर वार्नर बाल-बाल बचे। वर्नोन फिलेंडर की गेंद पर उनके खिलाफ एलबीडब्ल्यू की अपील हुई। मैदानी अंपायर अलीम दार ने इसे ठुकरा दिया। प्रोटीज टीम ने इस पर डीआरएस लिया। इसमें दिखाई दिया कि फिलेंडर की गेंद नो बॉल थी। हालांकि ऐसा नहीं होता तो गेंद स्टंप पर जाकर लग रही थी।
इसके बाद वार्नर अधिक आक्रामक नजर आए। उनके निशाने पर डेल स्टेन रहे। स्टेन की गेंद पर ही उन्होंने स्लिप के ऊपर से अपर काट मारकर गेंद को बाउंड्री के पार भेज दिया। इस दौरान वार्नर संतुलन नहीं रख पाए और वे क्रीज पर लेट गए। इससे पहले मिचेल स्टार्क की तूफानी गेंदबाजी ने प्रोटीज टीम को 242 रन पर समेट दिया। स्टार्क ने 71 रन देकर चार विकेट लिए और प्रोटीज टीम को 242 रन पर समेट दिया। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी को उतरी दक्षिण अफ्रीकी टीम स्टार्क और जॉस हेजलवुड की जोड़ी के सामने घुटने टेक बैठी। यह तो भला हो क्विंटन डि काक (84) और तेम्बा बावुमा (51) का जो टीम को सम्मानजनक स्कोर तक ले गए। बावुमा ने बाद में डिकाक के साथ छठे विकेट के लिये 71 रन की साझेदारी की।
डिकाक पारी के अंतिम क्षणों में तेजी से रन बनाने के प्रयास में आउट हुए। उन्होंने अपनी 101 गेंद की पारी में 11 चौके और एक छक्का लगाया। पर्थ टेस्ट के पहले दिन मिचेल स्टार्क ने अपने तूफानी स्पैल से नया रिकॉर्ड कायम किया। वे साल 2015 से अब तक 53 पारियों में 19 बार पहले ही ओवर में विकेट झटक चुके हैं।

