क्रिकेट साउथ अफ्रीका (सीएसए) ने भारत के खिलाफ 3 मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए अमोल मजूमदार को अपनी टीम का बल्लेबाजी कोच बनाया है। अमोल मुंबई क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाज हैं। 44 साल के अमोल ने एक भी टेस्ट मैच नहीं खेला है, हालांकि, उन्होंने अपने क्रिकेट करियर में 171 प्रथम श्रेणी मैच खेले हैं। वे टीवी कमेंट्रेटर के अलावा कई अन्य टीमों के कोच रह चुके हैं।
अमोल भारत की अंडर-19 और अंडर-23 टीमों के अलावा आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स टीम के कोच भी रह चुके हैं। दिसंबर 2013 में वे नीदरलैंड टीम के कोच भी बने थे। दक्षिण अफ्रीका का भारत दौरा 15 सितंबर से शुरू हो रहा है। इस दौरे में मेहमान टीम 3 टी20 और 3 टेस्ट मैच की सीरीज खेलेगी। टी20 मुकाबले 15, 18 और 22 सितंबर को होंगे। टेस्ट सीरीज 2 अक्टूबर से शुरू होगी।
अमोल मजूमदार को दक्षिण अफ्रीकी टेस्ट टीम का बल्लेबाजी कोच बनाने को लेकर सीएसए के कार्यकारी निदेशक कोरी बेन जील ने कहा, ‘वे हमारे लिए बिल्कुल फिट हैं। उनके पास भारत की खेल परिस्थितियों और हमारे बल्लेबाजों के सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में अच्छी जानकारी है। उन्होंने हाल ही में भारत में हमारे स्पिन गेंदबाजी शिविर में भी मदद की थी। उनके एडेन मार्कराम, टेम्बा बावुमा और जुबैर हमजा के साथ पहले ही अच्छे रिश्ते बन चुके हैं।’
कोरी बेन जील के मुताबिक, भारत दौरे के दौरान अमोल टीम निदेशक एनोक नकवे के कोचिंग स्टाफ के साथ काम करेंगे। इस कोचिंग स्टाफ में सहायक गेंदबाजी कोच विंसेंट बार्न्स और सहायक क्षेत्ररक्षण कोच जस्टिन ऑन्टोंग शामिल हैं। दक्षिण अफ्रीकी टीम का बल्लेबाजी कोच बनाए जाने पर अमोल ने प्रसन्नता जाहिर की है।
मिथक तोड़ना चाहते हैं अमोल: अमोल ने कहा, ‘मेरे भीतर हमेशा से क्रिकेट रहा है। आगे भी रहेगा। एक खिलाड़ी के तौर पर पिच पर 25 साल बिताने के बाद, अगले 25 दिन क्रिकेट के मैदान पर प्रतिभाओं को निखारने के इरादे से उतरूंगा। मैं अपने कोचिंग करियर के नए अध्याय को लेकर बहुत उत्साहित हूं।’ अंतरराष्ट्रीय अनुभव के बिना इतने उच्च स्तर पर कोचिंग देने के बारे में पूछे जाने पर वे बोले, ‘यह एक मिथक है। भारत में इसी मिथक के साथ लोग चलते हैं। मैं इसे तोड़ना चाहूंगा। अगर आप अपने विषय को अच्छे से जानते हैं तो मुझे नहीं लगता कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने का अनुभव मायने रखता है। अगर आप अपने विषय को अच्छी तरह से जानते हैं तो अनुभव और अन्य सभी चीजें कोई मायने नहीं रखतीं। मैं सभी स्तरों की बल्लेबाजी से डील कर रहा हूं, जो कि मेरे लिए एक विषय है।’
1994 में मुंबई के लिए डेब्यू करने वाले अमोल मजूमदार ने 171 प्रथम श्रेणी मैचों में 48.13 के औसत से 11167 रन बनाए हैं। वे रणजी ट्रॉफी के इतिहास में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले दूसरे बल्लेबाज हैं। उन्होंने अपना आखिरी प्रथम श्रेणी मैच नवंबर 2013 में आंध्र प्रदेश के लिए महाराष्ट्र के खिलाफ खेला था। उन्होंने सितंबर 2014 में प्रथम श्रेणी क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। बाद में वे कोचिंग देने लगे। उन्हें बीसीसीआई और क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया द्वारा ‘हाई परफॉर्मेंस कोचिंग सर्टिफिकेट’ मिला हुआ है।
