भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) महिला बैडमिंटन खिलाड़ी सायना नेहवाल के पिता को खेल गांव में प्रवेश देने पर सहमत हो गया है। उनकी राष्ट्रमंडल खेल की आधिकारिक मान्यता की पुष्टि कर दी गई है। सायना अपने पिता को खेल गांव में प्रवेश नहीं देने से काफी नाराज हो गई थीं और उन्होंने आईओए को एक ईमेल भेजकर राष्ट्रमंडल खेलों से हटने तक की धमकी दे दी थी। उन्होंने अपने मेल में लिखा था, “एक अधिकारी के रूप में अगर मेरे पिता को मान्यता नहीं दी जाती है तो मैं मैच नहीं खेलूंगी।”
लंदन ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता सायना ने सोमवार को अपने पहले ट्वीट में लिखा, “यह देखकर हैरान हूं कि जब राष्ट्रमंडल खेलों के लिए भारत से शुरुआत की तो मेरे पिता के नाम की टीम अधिकारी के रूप में पुष्टि की गई थी। लेकिन जब हम खेल गांव पहुंचे तो पता चला कि उनका नाम टीम आधिकारी की श्रेणी से गायब है और वह मेरे साथ रुक भी नहीं सकते हैं।”
Thank u so much @ioaindia for the support and help sorting out my father’s accreditation card in such short notice ..Hopefully it will b great for the matches ahead ..and I m sorry for all the trouble ??#CommonwealthGames2018 pic.twitter.com/fWCvrLk4YV
— Saina Nehwal (@NSaina) April 3, 2018
मैच से पहले विवाद को बढ़ता देख आईओए मंगलवार को सायना के पिता हरवीर सिंह को खेल गांव में प्रवेश देने पर सहमत हो गया। आईओए के इस फैसले के बाद सायना के पिता अब अपनी बेटी का मैच देख सकते हैं।
सायना ने इस फैसले के लिए आईओए को धन्यवाद दिया और कहा,” इतने कम समय में मेरा समर्थन करने और मेरे पिता को खेल गांव में प्रवेश देने के लिए आपका शुक्रिया। इस विवाद के लिए मैं माफी मांगती हूं और अब मुझे उम्मीद है कि हमें एक अच्छा मैच देखने को मिलेगा।”

