खेलमंत्री कीरेन रीजीजू ने सोमवार (27 अगस्त) को कहा कि बीसीसीआई को राष्ट्रीय डोपिंग निरोधक एजेंसी के दायरे में लाना उनके पिछले तीन महीने के कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक रही। बीसीसीआई को लंबे समय तक नानुकुर के बाद आखिरकार इस महीने नाडा के दायरे में आने के लिये रजामंदी जतानी पड़ी जिससे उसके राष्ट्रीय खेल महासंघ बनने का मार्ग प्रशस्त हो गया। यह पूछने पर कि खेलमंत्री के तौर पर क्या यह उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक रही, उन्होंने हां में जवाब दिया। उन्होंने प्रेस ट्रस्ट को दिये इंटरव्यू में कहा ,ह्यह्य निश्चित तौर पर । बीसीसीआई क्रिकेट की संचालन ईकाई है और क्रिकेट भी खेल है।

देश में खेल के तमाम कानून और प्रावधान उस पर लागू होते हैं । मेरा मानना है कि देश में हर खेल और हर खिलाड़ी बराबर है। उन्होंने कहा, यह स्वाभाविक प्रक्रिया है और अच्छा है कि ऐसा हो गया। यह अजीब सा लगता कि सिर्फ एक खेल नियमों के दायरे से बाहर है। खेलमंत्री ने यह भी कहा कि जल्दी ही बीसीसीआई आरटीआई के दायरे में भी आ जायेगा।

उन्होंने कहा ,सरकार का पैसा जनता का पैसा है। बीसीसीआई के पास पैसा कहां से आ रहा है। बीसीसीआई की यह दलील बेमानी है कि वह सरकार से अनुदान नहीं लेता । लोग टीवी देखते हैं, टिकट खरीदते हैं , विज्ञापन का पैसा , यह सब जनता का पैसा है। उन्होंने कहा ,लोगों से ही पैसा मिलता है। लोगों का पैसा चाहे सरकार से ले या सीधे, बात एक ही है । हर संगठन को पारर्दिशता और जवाबदेही से काम करना चाहिये। क्रिकेट या किसी एक महासंघ की बात नहीं हो रही है । रीजीजू ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय खेल आचार संहिता खेलों में सुशासन के लिये जरूरी है और सरकार जल्दी ही मजबूत आचार संहिता लेकर आयेगी हैं।

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सिंधू तोक्यो 2020 में स्वर्ण पदक को लेकर क्या विचार है?  उन्होंने कहा, ह्यह्यओलंपिक काफी दूर नहीं है लेकिन इस समय मैं कदम दर कदम आगे बढ़ना चाहती हूं। मुझे पता है कि ओलंपिक क्वालीफिकेशन चल रहा है लेकिन उम्मीद करती हूं कि मैं अच्छा प्रदर्शन करूंगी लेकिन फिलहाल मैं सिर्फ इसका लुत्फ उठाना चाहती हूं और किसी और चीज के बारे में नहीं सोचना चाहती।