बेंगलुरु का कांतीवारा स्टेडियम भारत का प्रमुख स्टेडियम है। यहां फीफा यू-17 वर्ल्ड कप-2017 का आयोजन किया जाना है। लेकिन यहां एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। स्टेडियम में ट्रेनिंग ले रहीं महिला एथलीट के वाशरूम में कुछ आपत्तिजनक मैसेज वाले पर्चे चिपकाए गए हैं। इस घटना के बाद एथलीट्स और प्रशासन हैरान हैं। महिलाओं के वाशरूम में आपत्तिजनक मैसेज लिखे ये प्रिंट किए हुए पर्चे चार जगह चिपकाए गए हैं। इसमें महिलाओं को प्रैक्टिस से पहले ‘मैस्टबेट’ करने की सलाह दी गई है। इन पर्चों पर स्पोर्ट्स अथॉरिटी के साइन भी हैं। हालांकि, ये साइन देखने से ही फर्जी नजर आ रहे हैं। इन पर्चों को शनिवार शाम को कुछ एथलीट ने देखा। जब सोमवार को यह मामला सीनियर एथलीट्स के पास पहुंचा तो उन्होंने इसकी जानकारी कोच और अधिकारियों को दी। जब दूसरे वाशरूम्स को चेक किया गया तो पता लगा कि ये पर्चे केवल महिलाओं के वाशरूम में ही लगाए गए थे।

अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया ने अपने रिपोर्ट में स्टेडियम में एक दशक से भी ज्यादा समय से ट्रेनिंग कर ही एक एथलीट के हवाले से लिखा है, ‘जब मैंने देखा कि कुछ जूनियर एथलीट्स दूसरों को वाशरूम यूज करने से रोक रही हैं तो मैं वहां गई जो देखा उसे देखकर हैरान हो गई। वहां पर आपत्तिजनक मैसेज लिखे पर्चे चिपके हुए थे। पर्चे पर स्पोर्ट्स अथॉरिटी के साइन भी थे। यह परेशान और अपमानित करने वाला है कि कोई भी महिलाओं के वाशरूम में घुस गया और ये पर्चे चिपका दिए। इस दौरान उसे किसी ने नहीं देखा।’

पहले स्टेडियम में छेड़छाड़ और चोरी के मामले सामने आए थे, इसके बाद विभाग ने एथलीट्स और ट्रेनर्स को परिचय पत्र जारी किए थे। लेकिन बिना वैध एंट्री कार्ड के लोग अभी भी स्टेडियम में घुस आते हैं।

इस घटना के बाद से एथलीट्स डरे हुए हैं, वे वाशरूम यूज करने से भी डर रहे हैं। रिपोर्ट में एक नेशनल लेवल की एथलीट के हवाले से लिखा गया है, ‘वाशरूम यूज करने से एथलीट्स डर रही हैं। अगर कोई वाशरूम में आकर ये पर्चे चिपका के जा सकता है तो इसकी क्या गारंटी है कि वहां स्पाई कैमरे नहीं लगा सकता। पुरुषों के वाशरूम में ऐसे कोई पर्चे नहीं थे, ऐसे में तय है कि महिलाओं के वाशरूम को ही निशाना बनाया गया है। मुझे उम्मीद है कि अथॉरिटी इस मामले को गंभीरता से लेगी।’