एशियन गेम्स 2023 में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी में चौथी बार गोल्ड मेडल जीतने का कमाल किया। भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने इससे पहले एशियन गेम्स में 1966, 1998 और 2014 में गोल्ड मेडल जीता था और अब 9 साल के इंतजार के बाद भारत ने फाइनल मुकाबले में पिछली चैंपियन जापान को एकतरफा मुकाबले में 5-1 से हराकर यह बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली। फाइनल मैच में भारत की तरफ से हरमनप्रीत सिंह ने दो गोल किए जबकि अभिषेक, अमित रोहिदास और मनप्रीत सिंह ने एक-एक गोल दागे। जापान के लिए एकमात्र गोल करने वाले खिलाड़ी एस तनाका रहे।

भारत ने 7 मैचों में दागे 68 गोल

एशियन गेम्स 2023 में भारतीय पुरुष टीम पूरी तरह से अपराजेय रही और इस टीम को किसी भी मैच में हार का सामना नहीं करना पड़ा। भारतीय टीम ने हर मैच में जीत दर्ज करते हुए फाइनल तक का सफर तय किया और इस मुकाबले को जीतकर अपना परचम एशिया में लहरा दिया। एशियन गेम्स में भारत के सफर की शुरुआत उजबेकिस्तान के खिलाफ मुकाबले के साथ हुआ था और इस मैच में भारतीय टीम को 16-0 से जीत मिली थी। इसके बाद भारत का मैच सिंगापुर के साथ हुआ जिसमें इस टीम को 16-1 से बड़े अंतर से जीत मिली थी। लीग मैचों में भारत का सामना जापान के साथ हुआ था जिसमें भारत को 4-2 से जीत मिली थी।

पाकिस्तान के साथ हुए मैच को भी भारतीय टीम ने जीता और इस बार जीत का अंतर 10-2 रहा था। बांग्लादेश को भी भारतीय टीम ने 12-0 के बड़े अंतर से हराया और पाचों लीग मैच में जीत दर्ज करने के बाद टीम सेमीफाइनल में पहुंची। सेमीफाइनल में भारत का सामना दक्षिण कोरिया के साथ हुआ था और इस मैच में भी भारत को 5-3 से जीत मिली थी। इस जीत के साथ भारतीय टीम फाइनल में पहुंची जहां उसने जापान को 5-1 के मार्जिन से हराकर गोल्ड मेडल जीतने में सफलता हासिल की। भारत ने कुल 7 मैच खेले जिसमें इस टीम की तरफ से 68 गोल गिए गए जबकि इस टीम ने कुल 9 गोल खाए। इससे साफ पता चलता है कि एशियन गेम्स 2023 में भारत ने किस तरह का खेल दिखाया और अपना दबदबा बनाए रखा।

शियन गेम्स 2023 में भारतीय पुरुष हॉकी टीम का प्रदर्शन

उज्बेकिस्तान को 16-0 से हराया
सिंगापुर को 16-1 से हराया
जापान को 4-2 से हराया
पाकिस्तान को 10-2 से हराया
बांग्लादेश को 12-0 से हराया
सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराया
फाइनल में जापान को 5-1 से हराया

एशियन गेम्स में भारत के पदक

स्वर्ण: 1966, 1998, 2014, 2023
रजत: 1958, 1962, 1970, 1974, 1978, 1982, 1990, 1994, 2002
कांस्य: 1986, 2018