देश में कोरोना वायरस के चलते खेल की गतिविधियों पर रोक लगी है। इस साल होने वाले इंडियन प्रीमियर लीग के मैच भी अनिश्चतकाल के लिए स्थगित कर दिए गए हैं। ऐसे में खिलाड़ी जहां कुछ परिवार संग अपना क्वालिटी टाइम बिता रहे हैं तो कई आने वाले दिनों में होने वाले गेम्स की प्रैक्टिस में बिजी हैं। इसी बीच एक खेल जबरजस्त तरीके से खेला जा रहा है, जिस पर लॉकडाउन का भी कोई असर नहीं पड़ा है। इस गेम में पश्चिम बंगाल की अर्पिता मुखर्जी ने ब्रॉन्ज मेडल भी जीत लिया है। अर्पिता ने यह मेडल घर बैठे ही गेम खेलते हुए हासिल किया है।

दरअसल, हम बात कर रहे हैं ऑनलाइन खेले जाने वाले शतरंग की। कुछ लोग इस गेम को मनोरंजन के लिए खेलते हैं तो कई इसकी प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर अपनी अलग पहचान बनाते हैं। बीते सप्ताह एशियाई जूनियर चैंपियनशिप ऑनलाइन शतरंज का आयोजन हुआ था। इसमें 43 देशों के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। इसी प्रतियोगिता में अर्पिता मुखर्जी ने घर बैठे ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया है। प्रतियोगिता का आयोजन एशियन चेस फेडरेशन और चेसडॉटकॉम ने साथ मिलकर किया था।

4 जून को यह प्रतियोगिता पूरी हुई। इसमें भारत की 19 साल की अर्पिता ने देश का नाम और मान बढ़ाया। कोलकाता की अर्पिता मुखर्जी पोडियम पर पहुंचने वाली एकमात्र भारतीय रहीं। उन्होंने पिछले हफ्ते एशियाई जूनियर शतरंज के ऑनलाइन प्रतियोगिता में ब्रॉन्ज मेडल जीता है।

अर्पिता के अलावा इंडियन जूनियर (अंडर -19) राष्ट्रीय लड़कियों की चैंपियनशिप में सृष्टि पांडे दूसरे स्थान पर रहीं, जबकि आकांक्षा हगवने को तीसरा स्थान मिला। इस आयोजन में जूनियर वर्ग में उज्बेकिस्तान के ग्रैंडमास्टर अब्दुस्सत्रो नोदीरबेक ने प्रथम स्थान प्राप्त किया ,वही ईरान के तहबाज अर्श दूसरे नंबर पर रहे।

इस आयोजन के बालिका वर्ग में चीन की लहसुन काईयू ने जीत हासिल की, मालदीव की मुनखुल तुरमुंख ने प्रतियोगिता में दूसरा स्थान प्राप्त किया। अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ के अध्यक्ष अर्कडी ड्वोर्कोविच ने जूम वीडियो कॉल के जरिए सभी खिलाड़ियों को जीत की बधाई दी। इस प्रतियोगिता में कुल 200 खिलाड़ियों ने हिस्सा किया।