वनडे टीम की कप्तानी से हाल ही में हटाए जाने के बाद श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने एंजेलो मैथ्यूज को इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज से भी बाहर का रास्ता दिखा दिया है। श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) की चयन समिति ने मैथ्यूज को बाहर करने के पीछे फिटनेस को कारण बताया है। वेबसाइट ईएसपीएनक्रिकइंफो की रिपोर्ट के मुताबिक मैथ्यूज ने तुरंत इस पर प्रतिक्रिया देते हुए चयनकर्ताओं से फिटनेस टेस्ट लेने को कहा है। इंग्लैंड के खिलाफ खेली जाने वाली टीम को अभी सार्वजनिक नहीं किया गया लेकिन टीम को खेल मंत्रालय के पास आखिरी मंजूरी के लिए भेज दिया गया है। बेशक टीम को सार्वजनिक नहीं किया गया लेकिन ऐसी संभावनाएं कम ही हैं कि इसमें कोई बदलाव हो और मैथ्यूज को टीम में शामिल किया जाए।
मैथ्यूज और टीम के कोच चंडिका हाथरूसिंघा के बीच शुक्रवार को बैठक हुई थी जिसमें मैथ्यूज से कप्तानी से हट जाने को कहा था। इसी बैठक में कोच और मैथ्यूज के बीच में उनकी फिटनेस को लेकर भी चर्चा हुई थी। कप्तानी से हटाने जाने के बाद भी मैथ्यूज ने चयनकर्ताओं के फैसले पर नाराजगी जताई थी और उन्हें एक पत्र भी लिखा था। इस बार भी मैथ्यूज ने चयनकर्ताओं से फिटनेस टेस्ट लेने को कहा है।
गौरतलब है कि सोमवार को श्रीलंका क्रिकेट टीम के खिलाड़ी एंजेलो मैथ्यूज ने उन्हें वनडे टीम के कप्तान पद से हटाए जाने पर निराशा जाहिर करते हुए श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड (एसएलसी) को पत्र लिखा है। वेबसाइट ‘ईएसपीएन’ की रिपोर्ट के अनुसार, मैथ्यूज ने कहा कि एशिया कप में टीम के खराब प्रदर्शन के मामले में उन्हें बलि का बकरा बनाया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि एशिया कप में श्रीलंका के खराब प्रदर्शन के कारण मैथ्यूज को वनडे टीम के कप्तान पद से हटा दिया गया और दिनेश चंडीमल को टीम की कमान सौंपी गई।
इस फैसले से नाराज मैथ्यूज ने श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को लिखे पत्र में कहा, “शुक्रवार को हुई एसएलसी और कोचों की बैठक के बाद मुझे वनडे और टी-20 टीमों के कप्तान पद से हटने के लिए कहा गया। मैं पहले बेहद हैरान हुआ और मुझे ऐसा महसूस हुआ कि एशिया कप में टीम के खराब प्रदर्शन के मामले में उन्हें बलि का बकरा बनाया जा रहा है।”
मैथ्यूज ने कहा, “मैं एशिया कप में अफगानिस्तान और बांग्लादेश के खिलाफ मिली हार का जिम्मा उठाने के लिए तैयार हूं, लेकिन मुझे ऐसा लग रहा है कि मेरे साथ धोखा हुआ है और पूरा दोष मुझ पर डाला जा रहा है। सभी फैसले चयनकर्ताओं और मुख्य कोच के बीच आपसी सहमति से लिए गए। एसएलसी की ओर से दिए गए कारण के साथ मैं सहमत नहीं हूं। हालांकि, मैं चयन समिति और मुख्य कोच द्वारा मुझसे की गई अनुमति का सम्मान करता हूं।”
