एशियाई खेलों में कांस्य पदक स्वीकार करने से इनकार करने वाली मुक्केबाज सरिता देवी पर आज एआईबीए ने एक साल का प्रतिबंध लगा दिया जिससे उसके भविष्य को लेकर लंबे समय से चली आ रही अनिश्चितता आज खत्म हो गई।
भारत के विदेशी कोच बी आई फर्नांडिज पर भी दो साल का प्रतिबंध लगाया गया है जो विरोध के समय सरिता के साथ खड़े थे। एआईबीए के फैसले की जानकारी बॉक्सिंग इंडिया को दे दी गई जिसने आज यहां प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसके बारे में बताया।
सरिता ने इंचियोन एशियाई खेलों के सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया की जि ना पार्क के हाथों विवादित हार के बाद कांस्य पदक स्वीकार करने से इनकार कर दिया था जिससे बड़ा विवाद पैदा हो गया था।
बॉक्सिंग इंडिया ने कहा कि सरिता एक अक्तूबर 2014 से अक्तूबर 2015 तक किसी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में भाग नहीं ले सकेगी। इसके अलावा उस पर 1000 स्विस फ्रेंक्स का जुर्माना भी लगाया गया है। प्रतिबंध की अवधि को देखते हुए मणिपुर की इस 29 वर्षीय मुक्केबाज के 2016 रियो ओलंपिक में खेलने की संभावना लगती है।
लंबे समय से भारत के विदेशी मुक्केबाजी कोच फर्नांडिज पर दो साल का प्रतिबंध एक अक्तूबर से लागू होगा। उन पर 2000 फ्रेंक्स का जुर्माना लगाया गया है। खेलमंत्री सर्वानंद सोनोवाल और चैम्पियन क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर समेत कई लोगों ने सरिता के प्रति समर्थन जताते हुए एआईबीए से नरमी बरतने की अपील की थी।
बॉक्सिंग इंडिया के अध्यक्ष संदीप जाजोदिया ने एआईबीए के फैसले को स्वीकार कर लिया है। उन्होंने कहा,‘‘ ऐसी आशंका थी कि सरिता पर आजीवन प्रतिबंध लगाया जायेगा लेकिन बॉक्सिंग इंडिया ने लगातार प्रयास किया कि ऐसा ना हो। हमने एआईबीए को बताने की कोशिश की कि सरिता अनुशासित खिलाड़ी है।’’
जाजोदिया ने कहा,‘‘ इंचियोन में जो हुआ, वह जज्बाती प्रतिक्रिया था। हम इसकी प्रशंसा करते हैं कि एआईबीए नियमों के तहत काम करता है। हमने अपने जवाब में माफी नत्थी कर दी थी। हमने सरकार से भी सहयोग का अनुरोध किया था जो सरकार ने किया।’’
