मेरठ के सेंट मेरीज एकेडमी के नौवीं कक्षा का छात्र शपथ भारद्वाज इतिहास रचते हुए देश का सबसे कम उम्र का निशानेबाज बन गए हैं। निशानेबाजी के डबल ट्रैप में शपथ का चयन नेशनल टीम में हुआ है। उत्तराखण्ड की तरफ से खेलते हुए इस निशानेबाज ने ये करिश्मा कर दिखाया है। अब शपथ दिल्ली, मेक्सिको और साइप्रस में होने वाले वर्ल्ड कप में देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। शपथ ने चौदह साल की छोटी उम्र में अब तक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर दर्जनों पदक जीत चुके हैं।
पंजाब के पटियाला में 18 से 24 दिसंबर के बीच वर्ल्ड कप के लिये सीनियर नेशनल टीम के ट्रायल संपन्न हुए जिसमें शपथ ने 122/150 का स्कोर किए। दूसरे ट्रायल में वापसी करते हुए उन्होंने 136/150 का स्कोर कर दूसरा स्थान पक्का कर लिया।
शपथ ने फिनलैंड में हुए 8वें इंटरनेशनल शॉटगन कप में टीम की ओर से सबसे ज्यादा स्कोर किया। वह जर्मनी में हुई जूनियर वर्ल्ड कप में भारतीय टीम के सबसे कम उम्र के सदस्य रहे। इससे पहले शपथ ने केरल में 35वें नेशनल गेम्स में 13 वर्ष में प्रवेश कर प्रतिनिधित्व करने का रिकॉर्ड बनाया था। इसके साथ ही शपथ जूनियर नेशनल टीम स्कवॉड में 12 वर्ष की उम्र में शामिल होने वाले देश के सबसे कम उम्र का खिलाड़ी बन चुके हैं। 12 वर्ष की उम्र में ही शपथ उत्तराखंड राज्य का चैंपियन बन चुके हैं।
शपथ को इस बात का मलाल है कि उसे कहीं से कोई मदद नहीं मिल रही है। हालांकि, वह अपने परफॉर्मेन्स से काफी खुश है। उसका मानना है कि अगर उसे सरकारी मदद मिले तो वह इंटरनेशनल लेवल पर और अच्छा प्रदर्शन कर सकता है। 15 से 26 नवंबर के बीच जयपुर में संपन्न हुई 60वीं नेशनल शूटिंग चैंपिनयनशिप में शपथ ने 136/150 का स्कोर बनाकर जूनियर वर्ग में द्वितीय और सीनियर वर्ग में तृतीय रैंक हासिल की थी। अपने लाडले की कामयाबी से उसके अभिभावक काफी गदगद हैं। उन्हें उम्मीद है कि शपथ अंतर्राष्ट्रीय जमीं पर देश का नाम रोशन करेगा।
