ओटीटी प्लेटफॉर्म आने के बाद भारतीय मनोरंजन जगत में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। जहां पहले फिल्मों और टीवी सीरियल्स पर सेंसर की सख्ती रहती थी, वहीं ओटीटी ने क्रिएटर्स को खुली आजादी दी गई। इसी आजादी का नतीजा है कि आज फिल्मों और वेब सीरीज में बोल्ड सीन, गाली-गलौज और अभद्र भाषा का इस्तेमाल काफी बढ़ गया है। ऐसा लगता है कि हर दूसरी फिल्म या सीरीज में किसी न किसी रूप में अश्लीलता परोसी जा रही है।
निर्माताओं का तर्क है कि वे रियलिस्टिक कंटेंट दिखाना चाहते हैं और समाज की सच्चाई को बिना फिल्टर सामने रख रहे हैं। कुछ हद तक यह बात सही भी है, क्योंकि समाज में मौजूद कड़वी सच्चाइयों को दिखाना जरूरी है। लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या हर कहानी के लिए बोल्ड सीन और गालियों का सहारा लेना कितना सही है? कई बार लगता है कि कहानी की मांग से ज्यादा सिर्फ दर्शकों का ध्यान खींचने के लिए ऐसे सीन जोड़े जा रहे हैं।
इस बढ़ते ट्रेंड का असर दर्शकों, खासकर युवाओं और बच्चों पर भी पड़ रहा है। मनोरंजन के नाम पर परोसा जाने वाला कंटेंट अगर सोच और संस्कारों पर असर डालने लगे, तो यह चिंता की बात है। मेकर्स की जिम्मेदारी बनती है कि मजबूत कहानी, दमदार अभिनय और असरदार डायलॉग से दर्शकों के दिल तक पहुंचा जाए, बजाय इसके कि वो पर्दे पर अशलीलता दिखाए। इस वक्त रॉकिंग स्टार कहलाए जाने वाले यश की फिल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ ऐसे ही कुछ कारणों से सुर्खियों में है। इस फिल्म के टीजर में अशलीलता की हदें पार कर दी गई हैं और इसके खिलाफ तमाम लोगों ने आवाज भी उठाई है।
क्या है टीजर?
फिल्म के टीजर की शुरुआत में एक गंभीर माहौल दिखाया जाता है। कब्रिस्तान में कई लोग किसी को दफना रहे होते हैं और वहीं बाहर कार में यश और बीट्रिज टौफेनबाख को कार में इंटिमेट होते हुए दिखाया है। इसके बाद खतरनाक फायरिंग होती है, जिसमें कई लोग मौत के घाट उतारे जाते हैं। इस वॉयलेंस के अलावा इस टीजर में इंटिमेट सीन में अभद्रता की सारी हदें पार की गई हैं। कुल मिलाकर फिल्म का टीजर, टीजर कम और कंडोम या किसी इंटिमेट पावर सप्लीमेंट का विज्ञापन ज्यादा लग रहा है।
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फिल्म पर रोक लगे या चले सेंसर बोर्ड की कैंची
फिल्म के टीजर में अगर इतनी अश्लीलता परोसी जा रही है तो जरा सोचिए पूरी फिल्म में इस तरह के कितने सीन देखने को मिलेंगे। इस तरह के अभद्र सीन दिखाना दर्शकों के लिए बिल्कुल ठीक नहीं है, क्योंकि यश के फैंस में बच्चे और युवा शामिल हैं। ऐसे में अगर वो ये बोल्ड सेक्स सीन देखते हैं तो उनके दिमाग पर सही असर नहीं होगा। सेंसर बोर्ड को इस मामले में दखल देनी होगी और इस तरह के सीन को फिल्म से हटाने के निर्देश देने चाहिए।
फिल्म के खिलाफ कई शिकायतें दर्ज
तमाम लोगों ने फिल्म के टीजर को लेकर शिकायत की है, ऐसा करने वालों का कहना है कि फिल्मों में लगातार अश्लील सीन और अभद्र भाषा दिखाई जा रही है, जिससे समाज पर गलत असर पड़ रहा है। उनका आरोप है कि सिर्फ चर्चा और प्रचार पाने के लिए ऐसे सीन जोड़े जा रहे हैं, जबकि कहानी के लिए उनकी जरूरत नहीं है। इसी को लेकर संबंधित अधिकारियों से मांग की गई है कि टीजर और फिल्म के कंटेंट की जांच की जाए और जरूरत पड़े तो ऐसे सीन को हटाया जाए। हालांकि, फिल्म निर्माताओं की ओर से अब तक इस शिकायत पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं, यश के फैंस का कहना है कि टीजर सिर्फ फिल्म की झलक है और पूरी फिल्म देखने के बाद ही कोई राय बनानी चाहिए। फिलहाल, ‘टॉक्सिक’ का टीजर विवादों में भी घिरा हुआ है।
महिला आयोग ने की मांग
बोल्ड और आपत्तिजनक सीन को लेकर महिला आयोग के पास शिकायत पहुंची है, जिसमें कहा गया है कि टीज़र में महिलाओं को गलत और आपत्तिजनक तरीके से दिखाया गया है, जो उनकी गरिमा के खिलाफ है। शिकायत मिलने के बाद महिला आयोग का मानना है कि मनोरंजन के नाम पर महिलाओं की छवि को ठेस पहुंचाने वाला कंटेंट स्वीकार्य नहीं है, चाहे वह फिल्म हो या ओटीटी प्लेटफॉर्म। इसके साथ ही बताया जा रहा है कि महिला आयोग ने क्रेंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड से आग्रह किया है कि फिल्म के कंटेंट की जांच की जाए।
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आप को भी आपत्ति
आम आदमी पार्टी की कर्नाटक राज्य महिला विंग ने टॉक्सिक फिल्म के टीजर में दिखाए गए एक सीन को अश्लील और अनुचित बताते हुए कर्नाटक राज्य महिला आयोग (KSWC) में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने दावा किया है कि टीजर में मौजूद आपत्तिजनक सीन महिलाओं और बच्चों के सामाजिक हित के लिए नुकसानदेह हैं और इससे महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचती है। शिकायत में इस बात की भी मांग की गई है कि मनोरंजन कंटेंट को बिना उम्र से जुड़ी चेतावनी के सार्वजनिक रूप से रिलीज नहीं किया जाना चाहिए और ऐसे सीन को हटाने या उचित कार्रवाई करने की आवश्यकता है।
रणबीर कपूर की फिल्म में भी जरूरत से ज्यादा थी बोल्डनेस
साल 2023 में आई फिल्म ‘एनिमल’ में भी कुछ ऐसे सीन थे, जिन्हें लेकर आपत्ति जताई गई थी। वैसे तो फिल्म में रोमांस वाले कई सीन थे, लेकिन रणबीर कपूर और तृप्ति डिमरी के कुछ हद से ज्यादा बोल्ड सीन भी दिखाए गए थे। एक तो फिल्म में जरूरत से ज्यादा हिंसा थी और उसके साथ ऐसे सीन। ये फिल्म परिवार या बच्चों के साथ देखने लायक नहीं थी। हालांकि बॉक्स ऑफिस पर फिल्म ने कमाल दिखाया था। रणबीर कपूर की फिल्म ‘एनिमल’ साल 2023 की जबरदस्त हिट रही, जिसने दुनिया भर में कुल कमाई लगभग 917-920 करोड़ की कमाई की थी।
मेकर्स को रखना चाहिए गरिमा का ध्यान
वैसे तो भारत में फिल्में सेंसर्स बोर्ड (CBFC) के नियमों के तहत आती हैं, जिनका मकसद फिल्मों को सामाजिक तरीके से पेश करना है। लेकिन इन दिनों हद से ज्यादा आपत्तिजनक चीजें दिखाई जा रही हैं, जो सेंसर बोर्ड के नियमों का उल्लंघन है, हालांकि फिल्म को रिलीज़ होने में दिक्कत हो सकती है। इसके साथ ही भारत जैसे देशों में समाज की सांस्कृतिक और नैतिक सीमाएं सेट होती हैं, ऐसे में अगर फिल्में इन सीमाओं को पार कर दें तो लोग इसे स्वीकार नहीं कर पाते।
