Shivraj Singh Chouhan Affidavit: मध्य प्रदेश व‍िधानसभा चुनाव 2023 में एक बार फ‍िर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपनी परंपरागत सीट बुधनी से नामांकन का पर्चा भर दिया है। इस दौरान चुनाव आयोग को दिए हलफनामे में उन्‍होंने संपत्‍त‍ि का ब्‍योरा भी द‍िया है। ब्योरे के अनुसार, उनकी और पत्‍नी की कुल संपत्‍त‍ि करीब नौ करोड़ रुपए की है। शिवराज की संपत्ति 19 वर्षों में 58.14 लाख रुपये (2004 लोकसभा चुनाव के वक्त) से 8.63 करोड़ रुपये हो गई है।

शिवराज सिंह चौहान के पास कोई कार नहीं है, लेकिन 5500 रुपये का रिवॉल्वर और छह लाख रुपये के जेवरात (96 ग्राम सोना) हैं। उनके पास करीब 3.50 लाख रुपये का घरेलू सामान है। पत्नी साधना सिंह के पास सीएम शिवराज से ज्यादा संपत्ति है।

शिवराज सिंह से ज्यादा अमीर हैं उनकी पत्नी

वित्त वर्ष 2018-19 में शिवराज सिंह चौहान ने अपनी कुल आय 29,28,884 रुपये बताई थी। वित्त वर्ष 2022-23 में उनकी आय 32,63,573 रुपये हो गई। साधना सिंह ने 2018-19 में अपनी कुल आय 30,13,632 रुपये बताई थी। वित्त वर्ष 2022-23 में उनकी आय 46,08,859 रुपये हो गई।

कृषि भूमि, आवासीय भवनों, आदि के मामले में शिवराज सिंह अपनी पत्नी से दो गुना पीछे हैं। शिवराज सिंह के पास इस तरह की दो करोड़ दस लाख साठ हजार रुपये (₹2,10,60,000) की संपत्ति है। वहीं साधना सिंह चार करोड़ बत्तीस लाख रुपये (4,32,00,000) की संपत्ति की मालकिन हैं।

शिवराज सिंह चौहान के नाम पर भले ही एक भी कार न हो। लेकिन उनकी पत्नी के नाम एक एंबेसडर कार है, जिसकी कीमत 1,53,000 रुपये बताई गई है। शिवराज सिंह चौहान के पास 96 ग्राम सोने से बने जेवरात हैं, जिसका बाजार मूल्य छह लाख रुपये है। वहीं पत्नी के पास 535 ग्राम सोने के जेवरात हैं, जिसका बाजार मूल्य 34 लाख है।

19 साल में 58 लाख से नौ करोड़ रुपये तक

19 साल पहले साल 2004 में शिवराज सिंह चौहान लोकसभा चुनाव लड़े थे। तब उन्होंने अपनी कुल संपत्ति 58.14 लाख रुपये बताई थी। साल 2005 में शिवराज मुख्यमंत्री बन गए। इसके बाद चुनाव दर चुनाव उनकी संपत्ति बढ़ती रही। नीचे टेबल देखें-

चुनावसंपत्ति
2004 लोकसभा चुनाव58.14 लाख रुपये
2008 विधानसभा चुनाव1.23 करोड़ रुपये
2013 विधानसभा चुनाव6.27 करोड़ रुपये
2018 विधानसभा चुनाव7.66 करोड़ रुपये
2023 विधानसभा चुनाव8.63 करोड़ रुपये
आंकड़ा चुनावी हलफनामा से लिया गया है।

साल 2013 में शिवराज सिंह चौहान ने अपने दोनों बेटे कार्तिकेय और कुणाल को आश्रित बताया था। इस बार के हलफनामे में किसी को भी अपने पर आश्रित नहीं बताया है।

2008 से लगातार बुधनी से लड़ रहे हैं शिवराज

2005 में सीएम बनने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने बुधनी से उपचुनाव लड़ा था, क्योंकि इससे पहले वह सांसद थे। सीएम बनने के बाद से शिवराज लगातार बुधनी से विधायक बने हैं। पिछले चुनाव में इस सीट से शिवराज सिंह ने कांग्रेस के अरुण यादव को हराया था। इस बार शिवराज छठी बार बुधनी से मैदान में है। 2023 के विधानसभा चुनाव में उनका मुकाबला कांग्रेस के विक्रम मस्ताल से है।