लाईटहाउस जर्नलिज्म को एक ऐसा वीडियो मिला जिसमें कुछ लोग भारी बर्फबारी और भीषण सर्दियों के बीच पहाड़ चढ़ते दिख रहे हैं। दावा किया गया कि वीडियो में सियाचिन में तैनात भारतीय सैनिक हैं।
जांच के दौरान हमने पाया कि वीडियो मेक्सिको का है जिसमें पर्वतारोही नजर आ रहे हैं और इसमें भारतीय सैनिक नहीं हैं। वायरल किया जा रहा दावा भ्रामक है।
क्या है दावा?
X यूजर @musafir_vj ने अपने प्रोफाइल पर यह वायरल वीडियो साझा किया।
अन्य यूजर्स भी इसी तरह के दावे के साथ वीडियो साझा कर रहे हैं।
जांच पड़ताल:
हमने वीडियो से प्राप्त की-फ्रेम्स (keyframes) पर रिवर्स इमेज सर्च चलाकर जांच शुरू की।
हमें यह वीडियो 15 दिसंबर, 2025 को इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया हुआ मिला। वीडियो में लोकेशन ‘पिको डी ओरिजाबा, मेक्सिको’ (Pico de Orizaba, Mexico) बताई गई थी।
कैप्शन के जरिए हमें ‘klub_7_vershin’ नामक इंस्टाग्राम अकाउंट पर यह पोस्ट मिली।
कैप्शन में लिखा था: “यह AI नहीं है। यह मेक्सिको में ओरिजाबा शिखर पर हमारी टीम है।”
कजाकिस्तान स्थित आउटलेट, इलोर्डा मीडिया (Elorda Media) ने 15 नवंबर, 2025 को यही फुटेज साझा की थी। कैप्शन में लिखा था (अनुवाद): “कजाक पर्वतारोही और यात्री गालिमझान कुस्पानोव ने अंतरराष्ट्रीय ‘सेवन वोल्कानो’ प्रोजेक्ट को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है, वे दुनिया में पृथ्वी के सबसे ऊंचे ज्वालामुखी पर चढ़ने वाले 67वें व्यक्ति और ऐसा करने वाले पहले कजाक बन गए हैं। उन्होंने खराब मौसम और तेज हवाओं के बावजूद इस प्रोग्राम के अंतिम शिखर—मेक्सिको के ओरिजाबा ज्वालामुखी (5,636 मीटर)—पर विजय प्राप्त की और शिखर पर कजाकिस्तान का राष्ट्रीय ध्वज फहराया।”
पिको डी ओरिजाबा मेक्सिको की सबसे ऊंची चोटी और उत्तरी अमेरिका का सबसे ऊंचा ज्वालामुखी है। यह डेनाली और माउंट लोगन के बाद उत्तरी अमेरिका की तीसरी सबसे ऊंची चोटी भी है।
निष्कर्ष: खराब मौसम में पहाड़ चढ़ते लोगों का वायरल वीडियो मेक्सिको में पिको डी ओरिजाबा पर चढ़ाई कर रहे पर्वतारोहियों का है। वायरल दावा भ्रामक है।
