टर्की में तख्तापलट की नाकाम कोशिश के पीछे फतेहउल्लाह गुलेन का नाम सामने आ रहा है। राष्ट्रपति रिसेप तईप एर्दोगन के साथ-साथ सरकार के बाकी लोगों को भी लगता है कि हमले में गुलेन का ही हाथ है। 75 साल का गुलेन एक इस्लामक धर्मगुरु है जिसे टर्की ने निष्काषित कर दिया था। वह फिलहाल अमेरिका में रह रहा है। टर्की की खुफिया एजेंसियों को भी कुछ ऐसे सबूत मिले हैं जिससे पता लगता है कि गुलैन सेना के कुछ लोगों के संपर्क में था। यह गुलैन आखिर है कौन, जानिए-
कौन है फतेहउल्लाह गुलेन
इमाम और प्रार्थना सभाओं को नेतृत्व करने वाला यह शख्स 50 साल पहले चर्चा में आया था। तब टर्की को पता चला था कि गुलैन बड़ी ही चालाकी से देशों के लोकतंत्र, शिक्षा, सांइस में इस्लाम के कट्टर रूप को घोल रहा है। यह काम उसने दुनियाभर में 1 हजार से ज्यादा स्कूल खोलकर किया था। ये स्कूल 100 से ज्यादा देशों में हैं। लोगों के सामने कभी-कभी ही नजर आने वाला गुलेन अमेरिका के पोकोनो पर्वत इलाके में 26 एकड़ की जगह में रह रहा है।
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स्कूल अब भी चल रहे हैं ?
ये स्कूल अभी भी चलाए जा रहे हैं। हालांकि, यूएस के कुछ स्कूलों में FBI ने छानबीन की थी। उन्हें आर्थिक गड़बड़ियों और वीजा फ्रॉड की शिकायत मिली थी। स्कूलों के बारे में कुछ चौंकाने वाले दावे भी किए जा चुके हैं। आरोप था कि स्कूल में टर्की से टीचर लाए जाते हैं और उन्हें ऐसे स्टूडेंट को पहचाने और राजी करने का काम दिया जाता है जो कि उनका साथ दे सकें।
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उसे लाया क्यों नहीं जाता ?
माना जाता है कि यूएस के लिए सबसे ऊपर लोकतंत्र है और वह टर्की की शिकायत पर बिना सबूत के भरोसा नहीं करेगा। इसके साथ ही अमेरिका को लगता है कि गुलेन के साथ इस मामले में राजनीतिक साजिश की जा रही है।
एक रिपोर्टर जब अमेरिका में गुलेन के घरपर पहुंचा था तो उसे गुलेन से मिलने की परमिशन नहीं दी गई थी। वह वहां काफी वक्त रहा। वहां पर काफी सारी किताबें और टर्की की अलग-अलग जगहों से मिट्टी लाकर डिब्बों में रखी गई है।

