अमेरिका में 57 वर्षीय भारतीय के खिलाफ कथित रूप से बलप्रयोग करने वाले दो पुलिस अधिकारियों में से एक को गिरफ्तार कर लिया गया है और इस मामले में एफबीआई को जांच के आदेश दिए गए हैं। इस बीच पीड़ित के परिवार ने मुआवजे की मांग करते हुए मामला दर्ज कराया है।

मेडिसन शहर के पुलिस प्रमुख लैरी मुंसे ने पीड़ित सुरेशभाई पटेल से माफी मांगते हुए कहा कि फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन भी इस मामले की जांच करेगा।

पटेल पिछले सप्ताह सड़क के किनारे टहल रहे थे तभी दो पुलिस कर्मियों ने उन्हें रोका। पटेल अंग्रेजी नहीं जानते और वह उनके सवालों का जवाब नहीं दे पाए जिसके बाद पुलिसकर्मियों ने उन पर कथित तौर पर बल प्रयोग किया।

मुंसे ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘मैं पटेल, उनके परिवार और हमारे समुदाय से दिल से माफी मांगता हूं। हम अपेक्षाओं को पूरा करने की कोशिश करते हैं।’’

उन्होंने घटना की ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग जारी करने के बाद कहा, ‘‘इसके अलावा एफबीआई भी साथ-साथ जांच कर यह पता लगाएगा कि इस मामले में संघीय कानूनों का उल्लंघन हुआ है या नहीं।’’

शहर के पुलिस प्रमुख ने कहा, ‘‘मुझे जांच से पता लगा कि एरिक पार्कर की कार्रवाई उच्च मानकों और मेडिसन शहर पुलिस विभाग की अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं थी।’’

उन्होंने साथ ही बताया कि उन्होंने अधिकारी को बर्खास्त करने का प्रस्ताव रखा है। पार्कर को थर्ड डिग्री के बलप्रयोग के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

इस बीच पटेल के परिवार के वकील हेनरी एफ शेरोड ने कल अलबामा की उत्तरी जिला अदालत में इस संबंध में मामला दर्ज कराया। उन्होंने कहा, ‘‘हम मांग कर रहे हैं कि पटेल को पूरा मुआवजा दिया जाए।’’

इस संबंध में दायर मुकदमे के अनुसार, यह घटना छह फरवरी की सुबह की है जब पटेल अपने पड़ोस में फुटपाथ पर टहल रहे थे। उन पर एक पुलिस अधिकारी ने बिना किसी उकसावे के हमला किया जिसके कारण वह आंशिक रूप से लकवाग्रस्त हो गए।

पटेल एक दिन पहले ही अमेरिका आए थे ताकि वह अपने 17 माह के पोते की देखभाल में अपने बेटे और बहू की मदद कर सकें। जन्म समय से पूर्व होने की वजह से बच्चे का समुचित विकास नहीं हो पाया है।

वीडियो में पटेल फुटपाथ पर चलते दिखाई दे रहे हैं। पुलिस ने बताया था कि उन्हें एक फोन कॉल आई थी कि एक व्यक्ति घरों और गैराज में ताकझांक कर रहा है जिसके बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुंची थी। लेकिन वीडियो में दिख रहा है कि पटेल किसी भी घर या गैराज में ताक झांक नहीं कर रहे थे।

इस वीडियो में दो पुलिस अधिकारी पटेल के पास आते दिख रहे हैं। वे पटेल से उनका नाम, पता और पहचान पत्र आदि के बारे में पूछ रहे हैं। पटेल यह कहते सुनाई दे रहे है कि ‘‘अंग्रेजी नहीं आती’’ और अपने बेटे के घर की ओर इशारा कर रहे हैं। इसके तुरंत बाद एक पुलिस अधिकारी पटेल को जमीन पर गिराते और उन पर बल प्रयोग करते दिख रहा है जिसकी पहचान बाद में पार्कर के रूप में हुई। ऐसा लगता है कि पटेल वस्तुत: सदमे के कारण लकवाग्रस्त हो गए।

घटना पर कार्रवाई करने के बढ़ते दबाव के बीच अमेरिकी सरकार ने कल पटेल के परिवार के प्रति संवेदना जताई लेकिन उसने भारत के साथ इस मामले पर किसी प्रकार की राजनयिक चर्चा के बारे में कोई टिप्पणी नहीं की।

विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता जेन साकी ने कहा, ‘‘जो कुछ भी हुआ, विदेश मंत्री और विदेश विभाग उसके लिए पीड़ित के परिवार के प्रति संवेदना प्रकट करता है।’’