संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने अफगानिस्तान के अमेरिकी विश्वविद्यालय पर हुए हमले को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि राष्ट्र को आतंकवाद के ‘निंदनीय’ कृत्यों का वित्त पोषण करने वालों और प्रायोजकों को न्याय के घेरे में लाना चाहिए। काबुल में 24 अगस्त को संस्थान में हुए इस हमले में आठ छात्रों सहित 16 लोगों की मौत हो गई थी और 36 छात्रों सहित 50 लोग घायल हो गए थे। ‘अमेरिकन यूनिवर्सिटी ऑफ अफगानिस्तान’ के छात्रों को निशाना बनाने की ‘जघन्य और कायरतापूर्ण’ आतंकवादी हमले की घटना की 15 देशों की सुरक्षा परिषद ने ‘कड़े शब्दों में निंदा की’ है। गुरुवार (25 अगस्त) यहां पर जारी एक प्रेस बयान में परिषद ने तालिबान, अल-कायदा, इस्लामिक स्टेट और स्थानीय लोगों के अवैध एवं सशस्त्र समूहों से राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा बलों तथा अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति के समक्ष आसन्न खतरों पर अपनी ‘गहरी चिंता’ व्यक्त की।
बयान में कहा गया है, ‘सुरक्षा परिषद के सदस्य आतंकवाद के इन निंदनीय कृत्यों को अंजाम देने की साजिश रचने वालों, इसके आयोजकों, वित्त पोषकों और प्रायोजकों को न्याय के कटघरे में लाने की जरूरत को रेखांकित करते हैं और सभी देशों से इस सिलसिले में अफगान अधिकारियों के साथ सक्रिय रूप से सहयोग करने का अनुरोध करते हैं।’ परिषद ने आतंकवाद, आंतकवादी संगठनों और आतंकवादियों के वित्त पोषण को रोकने के लिए कदम उठाने की जरूरत पर भी बल दिया।

