यूक्रेन में संघर्षविराम की अवधि रविवार आधी रात के एक मिनट बाद से ही शुरू हो गई। लेकिन यह संकेत किसी भी पक्ष की ओर से नहीं आया है कि अब तक 5300 से ज्यादा लोगों की जिंदगी लील चुके युद्ध पर लागू इस संघर्षविराम का पालन वह कर रहा है या नहीं। संघर्षविराम की शुरुआत के दो घंटे के भीतर ही युद्धरत पक्षों ने एक-दूसरे पर ताजा हमलों के आरोप लगाने शुरू कर दिए।
पिछले हफ्ते हुए समझौते के तहत यूक्रेनी बल और रूस समर्थित अलगाववादी विद्रोहियों को इस हफ्ते अपने भारी हथियारों को पीछे खींच कर एक वृहद बफर जोन बनाना है। आधी रात को किए गए सीधे प्रसारण में राष्ट्रपति पेत्रो पोरोशेन्को ने देश के सशस्त्र बलों को गोलीबारी बंद रखने के लिए कहा।
यह आदेश जारी करने से पहले एक बयान में पोरोशेन्को ने डेबाल्टसीव में शनिवार को भड़के तनाव से संघर्षविराम पर पैदा हुए खतरों पर चिंता जताई थी। डेबाल्टसीव सरकारी रेलवे का प्रमुख व रणनीतिक केंद्र माना जाता है और इस पर अलगाववादी बलों ने कब्जा किया हुआ है। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय मंच का ध्यान इसी क्षेत्र पर होगा। युद्ध स्थिति पर विराम न लगने के संकेत उस समय मिल गए थे, जब विद्रोहियों ने कहा कि वे शहर के लिए किसी युद्ध को संघर्षविराम का उल्लंघन नहीं मानेंगे।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा कि पूर्वी यूक्रेन से मिली तस्वीरें इस बात के पुख्ता सबूत पेश करती हैं कि रूसी सेना ने यूक्रेन बलों पर हमला करने के लिए डेबाल्टसीव के आसपास भारी मात्रा में युद्धक सामग्री और मल्टी-रॉकेट लांचर रखे हैं। विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता जेन साकी ने शनिवार को एक बयान में कहा-‘हमें यकीन है कि ये रूसी सेना है, अलगाववादी नहीं।’

शनिवार दोपहर डेबाल्टसीव से 40 किलोमीटर उत्तर में सरकार के कब्जे वाले शहर आर्तेमिव्स्क पर एक स्कूल पर गोले बरसाए गए थे, जो जल्दी ही जल उठा था। यूक्रेनी सरकार की ओर से जारी एक उपग्रहीय तस्वीर में स्वित्लोदार्स्क के ऊपर काले धुंए का बड़ा सा गुबार उठता दिखाया गया है। यूक्रेन सरकार ने बिना तारीख वाली इस तस्वीर को विद्रोहियों की ओर से की जा रही गोलाबारी का साक्ष्य बताया है।
रूस लगातार पश्चिमी देशों के दावों को नकारता रहा है कि उसने विरोधियों को सैनिक और उपकरण भेजे हैं। लेकिन शनिवार को यूक्रेन में अमेरिका के राजदूत जियोफ्रे प्यात ने ट्विटर पर पोस्ट डाला और उसमें कहा कि उपग्रहीय तस्वीरें डेबाल्टसीव से 20 किलोमीटर पूर्वोत्तर में स्थित शहर लोमूवात्का के पास रूसी युद्धक तंत्र दिखाती हैं। हालांकि इन तस्वीरों की तत्काल पुष्टि नहीं हो सकी।
संघर्षविराम की समयसीमा से पहले अलगाववादी अधिकारियों की ओर से आए बयानों ने लड़ाई पर तय वक्त पर रोक लग पाने पर संदेह पैदा कर दिए थे।
दोनेत्स्क में विद्रोही नेता अलेक्सांद्र जाखरचेंको के हवाले से आरआइए नोवोस्ती समाचार एजंसी ने कहा था कि उनके लड़ाके यूक्रेनी बलों को डेबाल्टसीव से बच कर निकलने नहीं देंगे। अलगाववादियों ने कहा था कि यूक्रेनी सैनिकों को सिर्फ आत्मसमर्पण का ही विकल्प दिया जाएगा।
संघर्षविराम शुरू होने से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने पोरोशेन्को से फोन पर बात करके विशेष तौर पर डेबाल्टसीव और उसके आसपास जारी हिंसा पर गहरी चिंता जताई थी।
वाइट हाउस ने एक बयान में कहा कि दोनों नेताओं ने संघर्षविराम को लागू किया जाना ‘सभी पक्षों के लिए जरूरी होने’ पर जोर दिया और इसके साथ ही दोनों में आगामी दिनों में संपर्क में बने रहने पर सहमति बनी। ओबामा ने संघर्षविराम समझौते पर बातचीत में अहम भूमिका निभाने वाली जर्मन चांसलर एंजेला मर्कल से भी बात की।
बयान के अनुसार, ओबामा और मर्केल को विशेष तौर पर डेबाल्टसीव में और आसपास जारी भारी लड़ाई को लेकर गहरी चिंता है। उनके बीच पिछले साल सितंबर में मिन्स्क में हुए संघर्षविराम एवं प्रोटोकॉल समझौतों के क्रियान्वयन की खातिर सभी हस्ताक्षरकर्ताओं पर दबाव बनाने के लिए भी सहमति बनी। उन्होंने इस हफ्ते मिन्स्क क्रियान्वयन योजना के जरिए इस पर एक बार फिर जोर भी दिया।
ओबामा ने यूक्रेन की संप्रभुता और एकता बनाए रखते हुए पूर्वी यूक्रेन में संघर्ष को समाप्त करने के उद्देश्य से अथक प्रयास करने के लिए मर्केल को धन्यवाद भी दिया। वाइट हाउस ने कहा-‘इससे इतर, राष्ट्रपति ने यूक्रेन में सुधारों के एक महत्त्वाकांक्षी पैकेज के संदर्भ में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के साथ हुए उसके समझौते पर पोरोशेन्को को बधाई भी दी। इसके जरिए यूक्रेन की अर्थव्यवस्था में स्थिरता लाने और विकास एवं समृद्धि के लिए जमीनी स्तर पर कार्य करने में मदद मिलेगी।’
ताजा हिंसा के एक दिन बाद रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपने फ्रांस एवं जर्मनी समकक्षों को फोन कर पुन: कहा हैै कि यूक्रेन में संघर्ष विराम का सम्मान किया जाना चाहिए।
फ्रांस के एलिसी पैलेस ने बताया कि जर्मनी के चांसलर एंजेला मर्केल, फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद और पुतिन तीनों ने ‘मध्यरात्रि से निर्धारित संघर्ष विराम के प्रभावी होने की जरूरत’ की पुष्टि की है । इसने बताया, ‘‘पुतिन ने कहा कि विद्रोही संघर्ष विराम के लिए तैयार थे ।
