टर्की में शनिवार (16 जुलाई) तकरीबन 2 बजे सेना के एक गुट ने तख्तापलट की कोशिश की। सरकार के शीर्ष नेताओं का दावा है कि इसे नाकाम कर दिया गया है और हालात अब काबू में हैं। हालांकि, इससे पहले कहा जा रहा था कि सेना अपने मंसूबों में कामयाब हो गई है। कब्जे की कोशिश के वक्त सेना की तरफ से बम और गोलियां चलाई गईं थी। इस हमले में 14 पुलिसवालों के मारे जाने की खबर है। हमले के वक्त भी सरकार ने लोगों से अपील की थी कि वह इस कब्जे के विरोध में उतरें और सरकार का समर्थन करें।
130 लोगों की गिरफ्तारी: प्रधानमंत्री बिनाली यिल्दग्रिप ने भी स्थिति के काबू में होने की बात कही है। इसके साथ ही अब राजधानी अंकारा को ‘नो फ्लाई जोन’ बना दिया गया है। सरकार ने बताया है कि इस हमले के आरोप में अबतक 130 लोगों को पकड़ लिया गया है।
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गुलेन का हाथ होने का आरोप: टर्की के राष्ट्रपति रेकेप टायइप इर्डगन ने मुस्लिम धर्मगुरु गुलेन के समर्थकों पर इस काम को करने का आरोप लगाया है। गुलेन एक मुस्लिम धर्मगुरु हैं और धर्मपरिवर्तन के लिए एक बड़ा आंदोलन भी चला चुके हैं।
इससे पहले 2 बजे के करीब अंकारा में एक बम विस्फोट हुआ था इसके साथ ही गोलियां भी चलने की आवाज आई थी। सड़कों पर कुछ टैंक भी घूमते देखे गए थे।
इस बीच भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवाक्ता विकास स्वरूप ने तुर्की में रह रहे भारतीय नागरिकों को हालात स्पष्ट होने तक सार्वजनिक स्थानों पर जाने से बचने और घरों में ही रहने की सलाह दी है।
Our Embassy in Ankara advises Indian nationals in Turkey to avoid public places and remain indoors until the situation there becomes clearer
— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) July 15, 2016

