टर्की की सैन्य तख्तापलट की कोशिशों के बीच सेना ने इस्तांबुल में भीड़ पर गोलियां दागीं है, जिसमें कई लोगों के हताहत होने की आशंका है। एएफपी ने साथ ही बताया कि तख्तापलट में इस्तेमाल किए जा रहे एक हेलीकॉप्टर को एफ-16 विमान ने मार गिराया है। वहीं एपी की रिपोर्ट के मुताबिक, अंकारा के बाहरी इलाके में स्थित स्पेशल पुलिस बल के मुख्यालय पर हेलीकॉप्टर से हमले में 17 पुलिस अधिकारी मारे गए।

इस बीच सेना का कहना है कि उसने देश की सत्ता पर कब्जा कर लिया है। तुर्की के सैन्य बलों ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था को बनाए रखने और मानवाधिकार संरक्षित रखने के लिए सत्ता अपने हाथ में ले ली है। हालांकि प्रधानमंत्री का कहना है कि सैन्य तख्तातलट की कोशिश नाकाम कर दी गई है।
इससे पहले प्रधानमंत्री बिनअली यिलदरिम ने एनटीवी टेलीवीजन को बताया, ‘हां यह सही है कि यहां (तख्तापलट की) ऐसी कोशिश की गई।’
तुर्की की सैन्य तख्तापलट की कोशिशों के बीच सेना ने इस्तांबुल में भीड़ पर गोलियां दागीं है, जिसमें कई लोगों के हताहत होने की आशंका है। एएफपी ने साथ ही बताया कि तख्तापलट में इस्तेमाल किए जा रहे एक हेलीकॉप्टर को एफ-16 विमान ने मार गिराया है। वहीं एपी की रिपोर्ट के मुताबिक, अंकारा के बाहरी इलाके में स्थित विशेष पुलिस बल के मुख्यालय पर हेलीकॉप्टर से हमले में 17 पुलिस अधिकारी मारे गए।

इस बीच सेना का कहना है कि उसने देश की सत्ता पर कब्जा कर लिया है। तुर्की के सैन्य बलों ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था को बनाए रखने और मानवाधिकार संरक्षित रखने के लिए सत्ता अपने हाथ में ले ली है। हालांकि प्रधानमंत्री का कहना है कि सैन्य तख्तातलट की कोशिश नाकाम कर दी गई है।
इससे पहले प्रधानमंत्री बिनअली यिलदरिम ने एनटीवी टेलीवीजन को बताया, ‘हां यह सही है कि यहां (तख्तापलट की) ऐसी कोशिश की गई।’ यिलदिरिम ने इससे जुड़ी कोई विस्तृत जानकारी तो नहीं दी, लेकिन इतना जरूर कहा कि तुर्की ‘लोकतंत्र में रोड़ा डालने वाले ऐसे किसी कदम की इजाजत नहीं देगा, तख्तापलट की साजिश रचने वालों को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि लोगों द्वारा चुनी गई सरकार अब भी सत्ता में है। यह सरकार तभी हटेगी, जब लोग उसे कहेंगे।

तख्तापलट की इस कोशिश के बीच रॉयटर्स के मुताबिक राष्ट्रपति एर्दोगान सुरक्षित हैं। तुर्की के राष्ट्रपति कार्यालय ने एर्दोग़ान के ठिकाने का खुलासा नहीं किया, बस इतना बताया कि वह सुरक्षित स्थान पर हैं। इस बीच एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति ने नागरिकों से सरकार के समर्थन में सड़कों पर उतरने को कहा है।
घटना के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवाक्ता विकास स्वरूप ने तुर्की में रह रहे भारतीय नागरिकों को हालात स्पष्ट होने तक सार्वजनिक स्थानों पर जाने से बचने और घरों में ही रहने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि भारतीय नागरिक ज्यादा जानकारी के लिए अंकारा में +905303142203 और इस्तांबुल में +905305671095 पर संपर्क कर सकते हैं।
वहीं एएफपी ने स्थानीय मीडिया के हवाले से बताया कि सेना ने सत्ता पर कब्जा कर लिया है और देश में मार्शल लॉ लागू कर दिया है। इससे पहले राजधानी अंकारा में शुक्रवार को सैन्य विमानों को बेहद नीची उड़ान भरते देखा गया, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने इस्तांबुल में बॉसफोरस जलसंधी के ऊपर बने दो पुलों को आंशिक रूप से बंद कर दिया।
NTV के मुताबिक आतंरिक सुरक्षा की देखरेख करने वाली तुर्की सेना की टुकड़ी ने इस्तांबुल को यूरोप और एशिया से जोड़ने वाले बॉसफोरस और फतीह पुल को बंद कर दिया। एएफपी ने स्थानीय मीडिया के हवाले से बताया कि इस्तांबुल में अतातुर्क एयरपोर्ट के बाहर सैन्य टैंकों को तैनात किया गया है।
वहीं रॉयटर्स के मुताबिक, सरकारी समाचार चैनल टीआरटी का प्रसारण बंद हो गया है। रॉयटर्स ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि तुर्की में संसद भवन के पास टैंकों ने गोले दागे और इस्तांबुल एयरपोर्ट पर गोलीबारी की आवाज सुनी गई। वहीं कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि टर्की के सैन्य मुख्यालय के सामने एम्बुलेंसों को देखा गया।

