इराक में आइएस के आतंकियों के हाथों मारे गए 38 भारतीयों के पार्थिव अवशेष सोमवार को भारत लाए जाएंगे। इन अवशेषों को लाने के लिए विदेश राज्यमंत्री जनरल (रिटायर) वीके सिंह रविवार को वायुसेना के विशेष विमान से मोसुल के लिए रवाना हुए। वायुसेना के मुताबिक, वायुसेना के विशेष मालवाही विमान सी-17 से वे गए। यह विमान दोपहर एक बजे गाजियाबाद स्थित वायुसेना के हिंडन एअरबेस से रवाना हुआ। इराक के मोसुल में बादुश गांव के पास एक सामूहिक कब्र से 39 भारतीयों के पार्थिव अवशेष खोद निकाले गए थे। इनमें से 38 लोगों के डीएनए मिलान का काम पूरा कर लिया गया है। एक के मामले में अभी यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। इस कारण 38 लोगों के अवशेष ही लाए जाएंगे। वायुसेना के अधिकारियों के अनुसार, उसी विमान से अवशेष लाए जाएंगे। वीके सिंह के लौटने के बाद परिजनों को पार्थिव अवशेष सौंपने के लिए वे पहले अमृतसर जाएंगे। इसके बाद पटना और कोलकाता जाएंगे।

इराक के रक्षा मंत्रालय से विमान उतारने की अनुमति मिलने के बाद यहां से वायुसेना के विशेष विमान ने उड़ान भरी। मारे गए लोगों में से 31 पंजाब के हैं। मोसुल के लिए रवाना होने के पहले मंत्री वीके सिंह ने ट्वीट किया, ‘मैं 38 भारतीयों के अवशेष लेने मोसुल जा रहा हूं। हमें 39वें शख्स का शव नहीं मिलेगा, क्योंकि उनका केस अभी फाइनल नहीं हो पाया है। हम सबूतों के साथ परिवार को शव सौंपेंगे, ताकि उनका शक दूर हो सके।’ 39 वें शख्स के पार्थिव अवशेषों के साथ 70 फीसद ही मिलान हो सका है। डीएनए मैचिंग की प्रक्रिया दोबारा शुरू की जा रही है।

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने 20 मार्च को संसद में भारतीयों की हत्या की पुष्टि की, जिन्हें भारत सरकार 2014 से लापता बता रही थी। मारे गए लोगों में से कुछ के परिजनों ने 26 मार्च को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मुलाकात की थी। सुषमा स्वराज ने संसद को बताया था कि जून 2014 में इराक के मोसुल में आतंकी संगठन आइएसआइएस ने 40 भारतीयों का अपहरण कर लिया था। इनमें से एक हालांकि खुद को बांग्लादेशी मुसलमान बचाकर वहां से बच निकला था। उन्होंने कहा था कि बाकी 39 भारतीयों को बादुश ले जाया गया और उनकी हत्या कर दी गई।