माओवादी नेता और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल के अध्यक्ष पुष्प कमल दहल उर्फ प्रचंड को बुधवार को नेपाल का प्रधानमंत्री चुना गया। प्रचंड दूसरी बार नेपाल के प्रधानमंत्री बनेंगे। इससे पहले प्रचंड 2008 से 2009 के दौरान प्रधानमंत्री बने थे।

स्पीकर ओंसारी घारती ने नतीजे घोषित करते हुए बताया कि कुल 595 सदस्यों में से 573 सांसदों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इसमें प्रचंड के पक्ष में 363 वोट और 210 मत उनके विरोध में पड़े। दहल गुरुवार को राष्ट्रपति कार्यलय में पद की गोपनीयता की शपथ लेंगे। 22 सदस्यों ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया है। बता दें कि प्रधानमंत्री पद के लिए प्रचंड एकमात्र कैंडिडेट थे।

गौरतलब है कि सीपीएन-यूएमएल के अध्यक्ष केपी शर्मा ओली के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफे के बाद यह चुनाव हुआ है। अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग से पहले नेपाल के प्रधानमंत्री पद से के पी ओली ने इस्तीफा दे दिया था। ओली ने अविश्वास प्रस्ताव को देश को ‘प्रयोगशाला’ में बदलने और नए संविधान को लागू करने में रोड़े अटकाने की ‘विदेशी ताकतों’ की साजिश करार दिया था। माओवादियों के समर्थन हटा लेने के बाद ओली की सरकार अल्पमत में आ गई थी।