पाकिस्‍तान के कई शहरों में पोस्‍टर लगाकर आर्मी चीफ से तख्‍तापलट करने की मांग की जा रही है। इस्‍लामाबाद, कराची, पेशावर जैसे बड़े शहरों में रातोंरात लगाए गए पोस्‍टर्स से पाकिस्‍तान में हंगामा मचा हुआ है। बंटवारे के बाद से आधे से ज्‍यादा वक्‍त तक पाकिस्‍तान में सेना का शासन रहा है। 2008 में जनरल मुशर्रफ को अपदस्‍थ करने के बाद फिलहाल पाकिस्‍तान में नवाज शरीफ की अगुवाई वाली चुनी गई सरकार है। पाकिस्‍तानी अखबार Dawn के अनुसार, पोस्‍टर्स को 2013 में बनाई गई एक पार्टी “Move on Pakistan” ने लगाया है, इस पार्टी को पाकिस्‍तान में ज्‍यादा लोग नहीं जानते। पोस्‍टर्स में जनरल रहील शरीफ के इस साल अपना कार्यकाल खत्‍म होते ही पद छोड़ देने के फैसले के संदर्भ में कहा गया है, ”जाने की बात हुई पुरानी, ख्‍ुादा के लिए अब आ जाओ।” पोस्‍टर में जनरल की एक तस्‍वीर भी है।

इन पोस्‍टर्स को लगाने वाले मुख्‍य आयोजनकर्ता अली हाशमी ने AFP से कहा, ”तानाशाही इस भ्रष्‍ट सरकार से कहीं बेहतर है।” उन्‍होंने कहा, ”जिस तरह से जनरल रहील शरीफ ने आतंकवाद और भ्रष्‍टाचार से लड़ाई की है, इस बात की काेई गारंटी नहीं है कि अगला शख्‍स भी उन्‍हीं की तरह प्रभावी साबित होगा। पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री और सरकार पर भ्रष्‍टाचार और अक्षमता के ढेरों आरोप हैं। लेकिन अपनी लोकप्रियता के बावजूद जनरल ने जनवरी में ऐलान किया था कि वे इस साल के अंत तक अपना कार्यकाल खत्‍म होने पर पद छोड़ देंगे। इन पोस्‍टर्स पर अभी तक सरकार या सेना की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।