भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्री पीटर ओ नील के खिलाफ पेश किया गया अविश्वास प्रस्ताव शुक्रवार (22 जुलाई) को पारित नहीं हो सका। पीएनजी के टेलीविजन नेटवर्क ईएमटीवी और अन्य मीडिया ने बताया कि वर्ष 2012 में सत्ता पर काबिज ओ’नील को विरोधी खेमे के अविश्वास प्रस्ताव का सामना करना पड़ा लेकिन वह 21 के मुकाबले 85 मतों से आसानी से जीत गए।
बड़ी संख्या में लोग ओ’नील को इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। भ्रष्टाचार विरोधी पुलिस ओ’नील से पिछले दो साल से पूछताछ करना चाहती है लेकिन उन्होंने अपनी गिरफ्तारी के वारंट का पालन करने से इनकार कर दिया है। ओ’नील के खिलाफ जब वर्ष 2014 में गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था तो उन्होंने पीएनजी के पुलिस आयुक्त को बर्खास्त कर दिया था, उन्होंने अटॉर्नी जनरल को हटा दिया था और न्याय विभाग एवं पुलिस के कई अन्य अधिकारियों को निलंबित कर दिया था।
