फ्रांस फिर से एक बड़े संकट में उलझ गया है। एक वरिष्ठ महिला पुलिसकर्मी ने दावा किया है कि गृह मंत्रालय ने उन पर नीस हमले से जुड़ी हुई सुरक्षा रिपोर्ट बदलने का दबाव डाला था। नीस हमले में उस समय 84 लोगों की मौत हो गई थी जब एक व्यक्ति ने भीड़ पर एक लॉरी चढ़ा दी थी। गृह मंत्री, बर्नार्ड केजेनुवे की आलोचना 14 जुलाई के उत्सव के दौरान सुरक्षा में हुई लापरवाही के लिए की जा रही है। अपना बचाव करते हुए मंत्री ने कहा, ‘वो इस बात के लिए मानहानि का मुकदमा करेंगे।’ मंत्री ने बाद में फ्रांस टू टेलिविजन को कहा, ‘वो विपक्षी नेताओं की ओर से चलाए जा रहे झूठे प्रचार का व्यापक पैमाने पर विरोध करेंगे।’
वहीं ‘नीस’ के सुरक्षा कैमरों की प्रभारी सैंड्रा बर्टिन ने एक अखबार को बताया है, ‘हमले के बाद उन्हें गृह मंत्रालय के एक अज्ञात अधिकारी ने फोन पर एक घंटे तक परेशान किया।’ उन्होंने बताया, ‘मुझसे कहा गया कि मैं रिपोर्ट में यह लिखूं कि बैस्तील दिवस के दिन आतिशबाजी के दौरान राष्ट्रीय पुलिस को दो बिंदुओं पर तैनात किया गया था। बर्टिन ने अखबार को कहा, ‘शायद राष्ट्रीय पुलिस वहां मौजूद थी लेकिन मैंने उन्हें वीडियो में नहीं देखा।’ इसके अलावा उन्होंने ये भी कहा, ‘मुझे रिपोर्ट में राष्ट्रीय पुलिस को वहां भी दिखाने को कहा गया जहां मैंने उन्हें नहीं देखा था।’
