मिस इंग्लैंड बनने की होड़ में शामिल ब्लैकबर्न, लंकाशर से आने वाली एक मुस्लिम ब्यूटी क्वीन ने बिकनी पहनने से इंकार कर दिया और वह स्विमशूट पहनकर प्रतियोगिता में उतरीं। प्रतियोगिता में स्विमसूट के साथ फोटो खिंचवाना वैकल्पिक था और आयशा खान ने इस प्रतियोगिता में भाग लेते हुए बिकनी न पहनकर स्विमसूट पहना। वह टॉप 20 के प्रतियोगियो में शामिल हैं।

दिलचस्प यह है कि 49 प्रतियोगियों में आयशा खान अकेली प्रतियोगी थी जिन्होंने बिकनी नहीं बल्कि फुल बॉडी स्विमिंग कॉस्ट्यूम पहना।ऐसा कर उन्होंने यह जताना कि आपको आत्मविश्वास के लिए बिकनी पहनना जरूरी नहीं है। गौरतलब है कि स्विमसूट राउंड साल 2010 में प्रतिबंधित कर दिया गया था हालांकि अब यह वैकल्पिक है और मिस बीच ब्यूटी कॉन्टेस्ट जीतने वाले को मॉरीशस जाने का मौका मिलता है। इसके अलावा इस प्रतियोगिता में जीतने वाले को टॉप-20 मे जल्दी जगह बनाने का मौका भी मिलता है। मुस्लिम ब्यूटी क्वीन आयशा खान का कहना है कि वह बिकनी पहने हुए फोटो नहीं देना चाहती थीं लेकिन वह इस प्रतियोगिता में भाग जरूर लेना चाहती थीं। जिसके बाद उन्होंने स्विमसूट पहनने का फैसला लिया।

उन्होंने कहा कि मैं इस राउंड में जीतने के मकसद से नहीं उतरी थी, मैं स्विमसूट को लेकर अपनी सोच लोगों को बताना चाहती थी। उनका कहना है कि मैं अपने आप से  सच्ची और अपनी पृष्ठभूमि के प्रति ईमानदार रहना चाहती थी। मैं यह बताना चाहती थी कि बीच पर जाने के लिए आपको बिकनी ही पहनना पड़े, यह जरूरी नहीं है। कम कपड़े पहनना और ज्यादा कपड़े पहनना दोनों बराबर है और यह आपकी पसंद की बात है आप क्या पहनना चाहती हैं।

बता दें कि 1 अगस्त को वह मिस इंग्लैंड के फाइनल प्रतियोगिता में अपनी दावेदारी पेश करेंगी।यह न्यू कैसल में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने हलिमा एडन का उदाहरण देते हुए कहा कि आप अपने पहनावे के जरिए खुद को व्यक्त करते हैं। गौरतलब है कि मैगजीन Sports Illustrated के लिए हलिमा एडन ने इतिहास रच दिया था। वह इस मैगजीन में हिजाब और बुर्कीनी पहनने वाली पहली मॉडल बनी।