Israel Attack Iran, Israel Iran News in Hindi: ईरान-इजराइल का संघर्ष चार दिनों से जारी है। ईरान के सरकारी टीवी चैनल के मुख्यालय पर इजरायल ने बमबारी की है। इस हमले में कई पत्रकार भी घायल बताए जा रहे हैं। इजरायल के विमानों ने तेहरान में बमबारी की। ईरान और इजरायल के बीच जमकर हमले हो रहे हैं। इस बीच रविवार रात को ईरानी मिसाइल हमले में तेल अवीव में मौजूद अमेरिका के दूतावास की ईमारत को नुकसान पहुंचा। इसके बाद इसे अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। इजरायल में अमेरिकी राजदूत माइक हुकाबी ने इसकी पुष्टि की। हालांकि अमेरिकी राजनयिक कर्मचारियों में से किसी के घायल होने या हताहत होने की खबर नहीं है। एक ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल ने कथित तौर पर इजराइल में हाइफा रिफाइनरी को टारगेट किया। फोरडो न्यूक्लियर साइट के पास कई जोरदार धमाके हुए। इसकी वजह से जमीन हिल गई। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 13 जून को संघर्ष शुरू होने के बाद से इजरायली हमलों में 224 लोग मारे गए हैं और 1,277 से ज्यादा घायल हैं। वहीं, अमेरिका में स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स ग्रुप ने ईरान में 406 लोगों के मारे जाने का दावा किया है। इससे पहले रविवार को ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा कि अगर इजरायल अपना अभियान जारी रखता है तो तेहरान की तरफ से भी जोरदार कार्रवाई की जाएगी।
इजरायल में क्या है हालात: इजरायल में हालात की बात की जाए तो रात भर और रविवार को ईरानी हमलों में कम से कम 10 लोग मारे गए। अब तक मरने वालों की संख्या 13 पहुंच गई है। रविवार को बैट यम में ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल ने एक इमारत को टारगेट किया। इजरायली अधिकारियों ने कहा कि हाइफा के पूर्व में अरब शहर तमरा में एक अपार्टमेंट की इमारत में चार और लोग मारे गए। हमलों के बाद देश के क्षेत्रों में 200 से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर है। शनिवार को एक वीडियो मैसेज में इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने वॉर्निंग देते हुए कहा कि इजरायल अयातुल्ला के शासन की हर जगह और हर टारगेट पर हमला करेगा।
न्यूक्लियर टॉक में शामिल नहीं होगा ईरान: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा कि अगर इजरायली हमले जारी रहे तो वह अमेरिका के साथ परमाणु वार्ता में शामिल नहीं होंगे। अपने फ्रांसीसी समकक्ष इमैनुएल मैक्रोन के साथ बातचीत में पेजेशकियन ने कहा कि ईरान कूटनीति का पक्षधर है, लेकिन वह दबाव में तर्कहीन मांगों को स्वीकार नहीं करेगा।
इजरायल और ईरान का संघर्ष लगातार बढ़ता ही जा रहा है। पल-पल की अपडेट्स के लिए जुड़े रहिये जनसत्ता डॉट कॉम के साथ…
ईरान का मानना है कि अमेरिका ने 13 जून को इजरायल के हवाई हमलों का मौन समर्थन किया था। पूरे क्षेत्र में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती के कारण अमेरिकी लक्ष्य असुरक्षित हो सकते हैं।
जर्मन विदेश मंत्री जोहान वेडफुल के अनुसार, जर्मनी, फ्रांस और ब्रिटेन ने मध्य पूर्व में तनाव कम करने के प्रयास में ईरान के साथ उसके परमाणु कार्यक्रम के संबंध में तत्काल वार्ता करने की इच्छा व्यक्त की है।
इजरायल ने ईरान के परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया है। इजरायल ने एक नहीं बल्कि दो बार नातांज न्यूक्लियर साइट पर हमला किया है।
इजराल ने ईरान में तेल डिपो और गैस साइटों पर हमला किया है। जवाबी हमले में ईरान ने भी कई मिसाइलें दागी हैं।
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि ईरान में 1,595 भारतीय छात्र फंसे हुए हैं, जिनमें तेहरान विश्वविद्यालय के 140 मेडिकल छात्र शामिल हैं। इसके अलावा, इराक में 183 भारतीय तीर्थयात्री फंसे हुए हैं। मैंने संयुक्त सचिव आनंद प्रकाश से संपर्क किया है और फंसे हुए लोगों का विवरण साझा किया है। तत्काल निकासी की आवश्यकता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हम आसानी से ईरान और इजरायल के बीच एक समझौता करवा सकते हैं और इस खूनी संघर्ष को समाप्त कर सकते हैं।
रविवार की सुबह (अमेरिका के स्थानीय समयानुसार), राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि ईरान द्वारा अमेरिका पर किए गए किसी भी हमले का अमेरिकी सेना की पूरी ताकत से जवाब दिया जाएगा जिस स्तर पर पहले कभी नहीं देखा गया।
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ईरान आतंकियों को परमाणु हथियार दे सकता है।
ईरानी नागरिक विमानन अधिकारियों ने देश के हवाई क्षेत्र को बंद रखने की अवधि बढ़ा दी है।
ईरान ने दावा किया है कि उसने हाल ही में इजरायल पर किए गए हमलों में एक नई विकसित बैलिस्टिक मिसाइल का इस्तेमाल किया है।
इजरायल ने रविवार को यमन में भी हवाई हमले किए। हमला एक हूती नेता के ठिकाने को निशाना बनाकर किया गया। गौरतलब है कि इजरायल के ईरान पर हमले के बाद हूतियों ने ईरान का समर्थन किया था और कहा था कि इस्राइल के हमले का जवाब देना ईरान का अधिकार है।
इजरायल ने कहा कि पिछले दो दिनों में ईरान पर उसके सैकड़ों हमलों में कई शीर्ष जनरलों, नौ वरिष्ठ वैज्ञानिकों और ईरान के परमाणु कार्यक्रम में शामिल विशेषज्ञों की मौत हो गई है।
ईरान के हमले में इजरायल के 10 लोगों की मौत और करीब 100 लोग घायल हो गए हैं।
पोप लियो XIV ने शनिवार को इजरायल-ईरान युद्ध पर पोस्ट में शनिवार को कहा, “ईरान और इज़राइल की स्थिति काफी खराब हो गई है। मैं जिम्मेदारी और तर्क के लिए अपनी अपील को नवीनीकृत करता हूं। न्याय, बंधुत्व और आम भलाई पर आधारित स्थायी शांति बनाने के लिए, परमाणु खतरों से मुक्त एक सुरक्षित दुनिया बनाने की प्रतिबद्धता को आपसी सम्मान और ईमानदार बातचीत के माध्यम से आगे बढ़ाया जाना चाहिए। किसी को भी कभी भी दूसरे के अस्तित्व को खतरे में नहीं डालना चाहिए। सभी देशों का कर्तव्य है कि वे शांति के उद्देश्य का समर्थन करें, सुलह के रास्ते शुरू करें और ऐसे समाधानों को बढ़ावा दें जो सभी के लिए सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करें!”
अधिकारियों के अनुसार, ईरान की राजधानी तेहरान में एक रिहायशी इमारत पर इजरायली हवाई हमले में 29 बच्चों सहित कम से कम 60 लोग मारे गए हैं। इजरायल की एम्बुलेंस सेवा ने कहा कि उत्तरी इजरायल में एक घर के पास पहले किए गए मिसाइल हमले में तीन महिलाओं की मौत हो गई और 10 अन्य लोग घायल हो गए।
तेहरान के तेजी से बढ़ते परमाणु कार्यक्रम पर अमेरिका-ईरान वार्ता रविवार को नहीं होगी, मध्यस्थ ओमान ने शनिवार को कहा, जबकि ईरान ने ईरानी परमाणु और सैन्य स्थलों पर इजरायल के भीषण हमले के एक दिन बाद एक और मिसाइल हमला किया।
ईरानी संसद के सुरक्षा आयोग ने कहा कि देश इजरायल के हमलों के जवाब में जलडमरूमध्य को संभावित रूप से बंद करने की योजना पर गंभीरता से विचार कर रहा है। इस जलडमरूमध्य से प्रतिदिन 18 से 20 मिलियन बैरल तेल गुजरता है, इस प्रकार वैश्विक तेल बाजार का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है।
इजरायली आपातकालीन टीमों ने रविवार को तड़के ईरान की ओर से किए गए कई मिसाइल हमलों का जवाब दिया, जिससे तेल अवीव के पास कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, डैन जिले में एक आठ मंजिला इमारत को सीधा निशाना बनाया गया, जबकि पास की एक अन्य आवासीय संरचना को भी नुकसान पहुंचा।
CNN की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार को रात में ईरान द्वारा इजरायल पर किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों में मरने वालों की संख्या बढ़कर सात हो गई। मिसाइल हमलों के कारण मध्य इजरायल में 100 से ज्यादा लोग घायल बताए गए हैं।
इजरायली सैन्य प्रवक्ता इफी डेफ्रिन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पिछले दिनों ईरान में इजरायली वायु सेना के हमलों का केंद्र तेहरान रहा है। उन्होंने कहा, “हमलों का सिलसिला 40 घंटे से जारी है, जिसमें 150 से ज्यादा ठिकानों पर हमले किए गए हैं।”
रूसी समाचार एजेंसियों के अनुसार, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने आज एक नए टेलीफोन कॉल में ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष पर चर्चा की, जहां पुतिन ने ईरान पर इजरायल के हमलों की निंदा की।
तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तय्यिप एर्दोगान ने आज अपने ईरानी समकक्ष मसूद पेजेशकियन से फोन पर कहा कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू क्षेत्र में आग लगाने और ईरान पर हमले करके परमाणु वार्ता को विफल करने की कोशिश कर रहे हैं।
बीजिंग के विदेश मंत्रालय के अनुसार, चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने आज अपने इजरायली और ईरानी समकक्षों के साथ अलग-अलग फोन कॉल में तेहरान के “वैध अधिकारों और हितों” के लिए समर्थन दिया।
इजराइल ने संकेत दिया है कि ईरान के खिलाफ उसका सैन्य अभियान कई सप्ताह तक जारी रह सकता है, जबकि प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने ईरानी नागरिकों से अपने इस्लामी मौलवी नेतृत्व के खिलाफ उठ खड़े होने का आह्वान किया है।
रॉयटर्स के अनुसार, ईरान ने बताया कि इजरायल के हमले के पहले दिन 78 लोग मारे गए, जबकि अगले दिन दर्जनों लोग हताहत हुए। इनमें से 60 लोग तेहरान में 14 मंज़िला अपार्टमेंट की इमारत पर मिसाइल गिरने से मारे गए थे।
रविवार तड़के यरुशलम और तेल अवीव में हवाई हमले के सायरन और जोरदार विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं।
ईरान ने बताया कि तेहरान में शाहरान तेल डिपो पर इजरायली हमला हुआ, लेकिन अधिकारियों ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है। राजधानी के पास एक तेल रिफाइनरी पर एक अलग इजरायली हमले के बाद आग भी लग गई। ईरान की तस्नीम समाचार एजेंसी के अनुसार, इजरायल ने तेहरान में रक्षा मंत्रालय की इमारत पर भी हमला किया, हालांकि इसमें मामूली नुकसान ही हुआ।
